झारखंड में जल्द शुरू होगा ‘दिशोम गुरुजी शिबू सोरेन आवासीय विद्यालय’
रांची:
मुख्यमंत्री ने आज शिक्षा विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें विभाग के आला अधिकारियों को शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए कई अहम दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान राज्य में प्राथमिक शिक्षा और साक्षरता के क्षेत्र में हुए बेहतर प्रदर्शन की सराहना की गई, साथ ही भविष्य के लिए बड़े लक्ष्यों पर चर्चा हुई।
सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के नतीजों पर संतोष, नए 100 स्कूलों की तैयारी
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने ‘सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ के इस बार के शानदार परीक्षा परिणामों पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 10वीं बोर्ड के मौजूदा रिजल्ट को आगे और बेहतर बनाने के लिए प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री ने खुशी जताते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ राज्य के बच्चे अन्य विधाओं (सह-शैक्षणिक गतिविधियों) में भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने विभाग को 100 नए सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस जल्द शुरू करने का टास्क सौंपा है।
जगुआर कैंपस में खुलेगा दिशोम गुरुजी शिबू सोरेन आवासीय विद्यालय
बैठक का एक मुख्य आकर्षण जगुआर कैंपस में ‘दिशोम गुरुजी शिबू सोरेन आवासीय विद्यालय’ की स्थापना रहा। मुख्यमंत्री ने इस आवासीय विद्यालय को जल्द से जल्द शुरू करने का कड़ा निर्देश दिया है, ताकि बच्चों को उत्कृष्ट आवासीय शिक्षा मिल सके।
ड्रॉप आउट रेट कम करने और क्वालिटी एजुकेशन पर जोर
मुख्यमंत्री ने स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति (रिटेंशन) बढ़ाने और ड्रॉप आउट रेट को कम करने (विशेषकर बालिकाओं के ड्रॉप आउट पर) पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने साफ किया कि राज्य के हर बच्चे को क्वालिटी एजुकेशन (गुणवत्तापूर्ण शिक्षा) मिलनी चाहिए।
शिक्षकों को प्रशासनिक कार्यों से मुक्ति और नवाचार ट्रेनिंग
बैठक में शिक्षकों की कमी और उनकी कार्यक्षमता को लेकर भी बड़े फैसले लिए गए:
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- एकल स्कूलों पर फोकस: जिन स्कूलों में केवल एक शिक्षक हैं (एकल स्कूल), वहां शिक्षकों की संख्या तुरंत बढ़ाई जाएगी।
- शिक्षकों की कमी होगी दूर: राज्य के स्कूलों में शिक्षकों के खाली पदों को जल्द भरा जाएगा।
- नवाचार ट्रेनिंग और एक्सपोजर विजिट: शिक्षकों को आधुनिक और नवाचार (Innovative) तरीकों से ट्रेनिंग दी जाएगी, वहीं बच्चों के मानसिक विकास के लिए उन्हें एक्सपोजर विजिट (शैक्षणिक भ्रमण) पर ले जाया जाएगा।
- सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान: सबसे महत्वपूर्ण निर्देश यह रहा कि शिक्षकों को प्रशासनिक दायित्वों से दूर रखा जाए, ताकि वे अपना पूरा समय और ध्यान बच्चों को पढ़ाने में लगा सकें।
मुख्य बिंदु: समीक्षा बैठक के बड़े फैसले
- जगुआर कैंपस में ‘दिशोम गुरुजी शिबू सोरेन आवासीय विद्यालय’ की होगी जल्द शुरुआत।
- राज्य में खोले जाएंगे 100 नए ‘सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’।
- बच्चियों के ड्रॉप आउट रेट को कम करने और एकल स्कूलों में शिक्षक बढ़ाने पर जोर।
- शिक्षकों को प्रशासनिक कार्यों से मिलेगी मुक्ति, अब सिर्फ शिक्षण कार्य पर रहेगा फोकस।




