दोनों पक्षों ने प्रशासन से की कार्रवाई की मांग
चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम के मझगांव थाना क्षेत्र स्थित पांडुकी गांव में 14 जुलाई को हुई घटना को लेकर विवाद गहरा गया है। इस मामले में दो अलग-अलग समुदायों के संगठनों ने अपने-अपने दृष्टिकोण रखते हुए जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
आदिवासी हो समाज युवा महासभा और मानकी मुंडा संघ का पक्ष:
आदिवासी हो समाज युवा महासभा और मानकी मुंडा संघ के पदाधिकारियों ने शनिवार को पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। संगठन का आरोप है कि 14 जुलाई को देशाउली स्थल के समीप कुछ युवकों ने शराब पीकर हुड़दंग मचाया। विरोध करने पर आदिवासी समाज के युवाओं के साथ मारपीट और जानलेवा हमला किया गया, जिसमें कई युवक घायल हुए। संगठन ने स्थानीय पुलिस पर पीड़ित पक्ष के साथ दुर्व्यवहार करने और आरोपितों पर अपेक्षित कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। उन्होंने दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी, मामले की निष्पक्ष जांच और मझगांव थाना प्रभारी के निलंबन की मांग की है।
अंजुमन इस्लामिया, मझगांव का पक्ष:
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दूसरी ओर, अंजुमन इस्लामिया, मझगांव ने उपायुक्त को दिए ज्ञापन में घटना को छात्रों के बीच आपसी झड़प बताया है। उनका कहना है कि इस घटना को जानबूझकर दो समुदायों के बीच संघर्ष का रूप दिया जा रहा है। अंजुमन इस्लामिया ने साफ किया है कि इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से मझगांव थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है और पुलिस जांच कर रही है। उनका आरोप है कि बिना जांच पूरी हुए एकतरफा तौर पर मुस्लिम समुदाय पर आरोप लगाए जा रहे हैं और देशाउली स्थल के अपमान की बात का कोई साक्ष्य नहीं दिया गया है। साथ ही, उन्होंने कुछ संगठनों द्वारा मुस्लिम समुदाय के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणियां करने और सामाजिक बहिष्कार की बातें फैलाने पर चिंता जताई है।
प्रशासनिक स्थिति:
दोनों ही पक्षों ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। प्रशासन अब दोनों पक्षों के दावों और दर्ज प्राथमिकी के आधार पर जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है।



