अधिसूचना का उल्लंघन: चाईबासा में कुल 21 वार्ड, ग्रामीण क्षेत्र को ‘वार्ड 22’ मानकर की जा रही जनगणना पर जनप्रतिनिधियों ने जताई आपत्ति

चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम के सदर प्रखंड अंतर्गत मतकमहातु सहित 11 राजस्व गांवों में नगर परिषद द्वारा की जा रही हाउस लिस्टिंग (जनगणना) का स्थानीय स्तर पर विरोध शुरू हो गया है। जिला परिषद सदस्य श्रीमती राजश्री सवैयां और स्थानीय मुंडा धनंजय देवगम ने इस प्रक्रिया को पूरी तरह त्रुटिपूर्ण बताते हुए उपायुक्त (डीसी) को ज्ञापन सौंपा है। जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि इन गांवों की जनगणना नगर परिषद के बजाय पंचायत (ग्रामीण) स्तर पर कराई जाए।
मुख्य विसंगतियां और आपत्तियां:
- अधिसूचना का उल्लंघन: मुंडा धनंजय देवगम ने सौंपे गए पत्र में झारखंड सरकार के नगर विकास विभाग की अधिसूचना (संख्या-3034, दिनांक 03.09.2011) का हवाला दिया है। इसके तहत तत्कालीन राज्यपाल के आदेश से मतकमहातु सहित 11 गांवों को चाईबासा नगर परिषद क्षेत्र से बाहर (विलोपित) कर दिया गया था, ताकि वहां की पारंपरिक ‘मानकी-मुंडा’ स्वशासन व्यवस्था अक्षुण्ण रहे।
- वार्ड संख्या पर सवाल: जिला परिषद सदस्य श्रीमती राजश्री सवैयां ने उपायुक्त को बताया कि चाईबासा नगर परिषद में कुल 21 वार्ड स्वीकृत हैं। इसके बावजूद मतकमहातु ग्रामीण क्षेत्र में ‘वार्ड संख्या-22’ दर्शाकर हाउस लिस्टिंग की जा रही है, जो पूरी तरह से नियम विरुद्ध है और इससे ग्रामीणों में भ्रम का माहौल है।
इन 11 गांवों में है आपत्ति:
सिकुरसाई, तमाड़बाँध, डलिया मार्चा, दुम्बी साई, कमार हातु, मतकमहातु, कपर साई, नरसण्डा, टोन्टो, गीतीलपी और गुटूसाई।
जनप्रतिनिधियों ने उपायुक्त से मांग की है कि 15 साल पहले ही ग्रामीण घोषित हो चुके इन क्षेत्रों में नगर परिषद के हस्तक्षेप को तुरंत रोका जाए और पंचायत स्तर पर जनगणना सुनिश्चित की जाए। उपायुक्त कार्यालय द्वारा इस शिकायत पत्र को प्राप्त कर लिया गया है।



