झारखंड में खनन विभाग में बड़ा घपला! हिंडाल्को को अवैध लाभ पहुँचाने के आरोप में ACB की जांच में फंसे DMO
रांची: झारखंड के खनन विभाग में पद का दुरुपयोग और भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की गहन जांच में सिमडेगा के वर्तमान जिला खनन पदाधिकारी (DMO) महेंद्र प्रसाद की संलिप्तता का खुलासा हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
जांच के अनुसार, जब महेंद्र प्रसाद लोहरदगा में सहायक खनन पदाधिकारी (AMO) के पद पर तैनात थे, तब उन्होंने मेसर्स हिंडाल्को प्राइवेट लिमिटेड को अनुचित लाभ पहुँचाने के लिए अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल किया।
ACB जांच में हुए बड़े खुलासे:
- अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर फैसला: प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी ‘कंसेंट टू ऑपरेट’ (CTO) की अवधि समाप्त होने से पहले ही, महेंद्र प्रसाद ने बिना किसी कानूनी अधिकार के खुद ही इसे तीन माह के लिए बढ़ा दिया।
- नियमों की अनदेखी: जांच में स्पष्ट हुआ है कि सहायक खनन पदाधिकारी को सीटीओ जारी करने या उसकी अवधि बढ़ाने का कोई संवैधानिक अधिकार नहीं है।
- ‘पोस्ट फैक्टो’ अनुमति का प्रयास: आरोप है कि पहले नियमों को ताक पर रखकर लाभ पहुँचाया गया और बाद में निदेशक खनन से ‘पोस्ट फैक्टो’ (काम होने के बाद) अनुमति लेने का प्रयास किया गया।
- कारण बताओ नोटिस: इस गंभीर अनियमितता पर तत्कालीन निदेशक खनन द्वारा आरोपी अधिकारी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था।
अब आगे क्या?
ACB के इंस्पेक्टर अमरेश कुमार की शिकायत पर वर्ष 2025 में सरकार की अनुमति के बाद विधिवत मामला दर्ज किया गया था। सूत्रों के अनुसार, ACB की टीम अब सिमडेगा के वर्तमान DMO महेंद्र प्रसाद से इस मामले में कड़ी पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। साक्ष्यों के आधार पर इस घोटाले की परतें और खुल सकती हैं।
झारखंड खनन विभाग में बड़ा घपला! हिंडाल्को को अवैध लाभ पहुँचाने के आरोप में ACB की जांच में फंसे DMO




