राज्यपाल से मिला भारत आदिवासी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल, DMFT फंड में अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच की मांग
रांची: भारत आदिवासी पार्टी (BAP), पश्चिमी सिंहभूम के जिला अध्यक्ष सुशील बाड़ला के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने शुक्रवार को रांची स्थित लोक भवन में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात की। इस दौरान पार्टी ने राज्य के विभिन्न जनहित के मुद्दों पर राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा।
DMFT फंड के उपयोग पर गंभीर सवाल
शिष्टमंडल ने पश्चिमी सिंहभूम जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) के कार्यों में बड़े पैमाने पर कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड उच्च न्यायालय की निगरानी में एक उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए।
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ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि संविधान की पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आने वाला पश्चिमी सिंहभूम जिला खनिज संपदा से समृद्ध है, और विकास कार्यों के लिए ट्रस्ट के पास बड़ी राशि उपलब्ध है। इसके बावजूद, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और शुद्ध पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं स्थानीय लोगों तक नहीं पहुँच पा रही हैं।
जलापूर्ति योजना की विफलता
विशेष रूप से मनोहरपुर प्रखंड के राजस्व ग्राम ‘लाइलोर’ में चल रही जलापूर्ति योजना की पोल खोलते हुए प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि इस योजना के तहत नौ गांवों को शुद्ध पेयजल मिलना था। हालांकि, पाइपलाइन का कार्य अधूरा रहने के कारण ग्रामीण आज भी दूषित पानी पीने को विवश हैं।
सारंडा में वनाधिकार पट्टे की मांग
इसके अलावा, शिष्टमंडल ने सारंडा वन क्षेत्र में वर्ष 2005 से पूर्व से रह रहे निवासियों के लिए वनाधिकार अधिनियम, 2006 के तहत वनाधिकार पट्टा प्रदान करने की मांग की। साथ ही, उन्हें संविधान द्वारा प्रदत्त सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित कराने के लिए राज्यपाल से हस्तक्षेप का अनुरोध किया गया।
राज्यपाल के समक्ष इन ज्वलंत मुद्दों को उठाकर भारत आदिवासी पार्टी ने क्षेत्र के विकास और पारदर्शिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।



