शिक्षा, संस्कार और दूरदर्शिता का अनूठा संगम ​चाईबासा

चाईबासा का ऐतिहासिक मांगी लाल रूंगटा उच्च विद्यालय: शिक्षा, संस्कार और दूरदर्शिता का अनूठा संगम

चाईबासा:

कोल्हान क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगाने वाले ऐतिहासिक शिक्षण संस्थानों में प्लस टू मांगी लाल रूंगटा उच्च विद्यालय, चाईबासा का नाम सबसे अगुआ और आदर के साथ लिया जाता है। वर्ष 1940 में स्थापित यह विद्यालय महज़ एक शैक्षणिक परिसर भर नहीं है, बल्कि यह कोल्हान की माटी के विकास और जनजातीय व ग्रामीण बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव का प्रतीक है।

स्वर्गीय मांगीलाल रूंगटा का दूरदर्शी विजन

जब देश स्वतंत्रता संग्राम के दौर से गुजर रहा था और झारखंड का यह क्षेत्र संसाधनों व बुनियादी सुविधाओं के लिहाज से बेहद पिछड़ा हुआ था, तब चाईबासा के प्रख्यात उद्योगपति और समाजसेवी स्वर्गीय मांगीलाल रूंगटा ने शिक्षा की महत्ता को गहराई से समझा। उन्होंने यह संकल्प लिया था कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े गरीब, आदिवासी और मूलवासी परिवारों के बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचनी चाहिए। उनका विजन सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं था, बल्कि उनका उद्देश्य एक ऐसा आत्मनिर्भर और जागरूक युवा वर्ग तैयार करना था जो समाज की मुख्यधारा से जुड़कर देश और क्षेत्र के विकास में अपनी अहम भूमिका निभा सके।

आधुनिकता और परंपरा का संगम

दशकों के सफर को तय करते हुए आज यह विद्यालय अपनी पुरानी विरासत को संभालते हुए आधुनिक युग की जरूरतों के अनुकूल ढल चुका है। रूंगटा परिवार और स्थानीय प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से इस संस्थान में शिक्षा का ढांचा निरंतर मजबूत हुआ है।

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  • स्मार्ट क्लास और डिजिटल शिक्षा: आधुनिक दौर की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विद्यालय में स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल प्रोजेक्टर और उन्नत तकनीक से लैस शिक्षण व्यवस्था स्थापित की गई है।
  • बुनियादी ढांचे का विकास: विद्यालय के भव्य मुख्य द्वार, सुसज्जित सभागार, शुद्ध पेयजल व्यवस्था और आधुनिक शौचालय ब्लॉकों के निर्माण से विद्यार्थियों को बेहतर और स्वच्छ शैक्षणिक माहौल मिल रहा है।
  • कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय: नौवीं से बारहवीं (प्लस टू) तक संचालित होने वाले इस संस्थान में विभिन्न संकायों के माध्यम से विद्यार्थियों को उच्चस्तरीय शिक्षा दी जा रही है।

कोल्हान के भविष्य को संवारती रोशनाई

मांगी लाल रूंगटा उच्च विद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर चुके हज़ारों छात्र-छात्राएं आज देश और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में उच्च पदों पर आसीन होकर चाईबासा का नाम रोशन कर रहे हैं। वर्तमान समय में जहाँ शिक्षा का व्यवसायीकरण तेजी से बढ़ रहा है, वहीं यह संस्थान समाज-कल्याण और लोक-हितैषी शिक्षा के अपने मूल उद्देश्यों पर आज भी पूरी निष्ठा के साथ कायम है।

​स्वर्गीय मांगीलाल रूंगटा द्वारा बोया गया वह शिक्षा का बीज आज एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है, जिसकी शीतल छांव में कोल्हान के नौनिहाल अपने सपनों को नई उड़ान दे रहे हैं। इस ऐतिहासिक संस्थान की गौरवशाली गाथा आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणास्त्रोत बनी रहेगी

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The Voice Live 24x7 संपादक प्रोफाइल जीतेन्द्र ज्योतिषी वर्तमान में the voice के प्रधान सम्पादक के साथ 'झारखंड जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन'के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं..