मंत्री ने व्यावहारिक समाधान पेश किया प्रशासन को दिया निर्देश
पश्चिमी सिंहभूम: झारखंड में जारी विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा विधानसभा क्षेत्र से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम कटने की आशंका ने
स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बीच हलचल मचा दी है। मंत्री दीपक बिरुआ ने इस गंभीर स्थिति पर चिंता जताते हुए जिला प्रशासन को तत्काल प्रभाव से सुधार के निर्देश दिए हैं।
52,000 मतदाताओं का नाम हटने का संकट
मंत्री दीपक बिरुआ ने स्पष्ट किया कि चाईबासा विधानसभा क्षेत्र से करीब 52,000 लोगों के नाम मतदाता सूची से कटने की स्थिति में हैं। यही स्थिति मझगांव विधानसभा क्षेत्र में भी देखी जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो पूरे जिले में बड़ी संख्या में पात्र नागरिक मताधिकार से वंचित हो सकते हैं।
राशन डीलरों की बढ़ेगी भूमिका
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इस त्रुटिपूर्ण विलोपन को रोकने के लिए मंत्री ने एक व्यावहारिक समाधान पेश किया है। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देशित किया है कि एसआईआर प्रक्रिया में जन वितरण प्रणाली (PDS) के राशन डीलरों की मदद ली जाए।
- सटीक आंकड़ों का लाभ: राशन डीलरों के पास अपने क्षेत्र के निवासियों का जमीनी डेटा मौजूद होता है, जो मतदाता सत्यापन (Field Verification) के दौरान बेहद सहायक सिद्ध हो सकता है।
- पात्रता सुनिश्चित करना: मंत्री का मानना है कि राशन डीलरों के सहयोग से उन नामों को कटने से बचाया जा सकता है, जो तकनीकी कारणों या सत्यापन की कमी के चलते गलती से हटाए जा रहे हैं।
लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रशासन को निर्देश
मंत्री ने प्रशासन से कहा है कि एसआईआर प्रक्रिया पूरी तरह से त्रुटिहीन होनी चाहिए। किसी भी सही व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से नहीं कटना चाहिए, क्योंकि लोकतंत्र में एक-एक वोट की अहमियत होती है। आपात स्थिति हो या सामान्य दिन, स्थानीय स्तर पर राशन डीलरों का नेटवर्क प्रशासन के लिए एक मजबूत सेतु का काम कर सकता है।
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन मंत्री के इस निर्देश को कितनी तत्परता से लागू करता है और क्या 52,000 मतदाताओं का नाम सूची में सुरक्षित रह पाता है।



