झारखंड में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण
साहेबगंज/गोड्डा: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) श्री के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम पूरी तरह से केवल पात्र भारतीय नागरिकों के लिए है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि विदेशी नागरिक, चाहे वे कानूनी या अवैध तरीके से रह रहे हों, भारत में मतदाता के रूप में पंजीकरण के हकदार नहीं हैं।
संथाल परगना दौरे के दूसरे दिन बरहरवा और सुंदर पहाड़ी प्रखंडों में बीएलए-2 (BLA-2) की ट्रेनिंग का निरीक्षण करते हुए सीईओ ने कहा कि नागरिकता को लेकर गलत घोषणा करना लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 के तहत एक दंडनीय अपराध है।
विदेशी नागरिकों और एएसडीडी (ASDD) श्रेणी पर सख्त निर्देश
सीईओ ने कहा कि जो विदेशी नागरिक अवैध रूप से रह रहे हैं और जिन्होंने पिछले एसएसआर (SSR) के दौरान गलत घोषणा पत्र देकर पंजीकरण कराया है, उन्हें प्रपत्र (Enumeration Form) पर हस्ताक्षर करने के बजाय उसे बीएलओ को वापस करना होगा। बीएलओ फील्ड वेरिफिकेशन के बाद उस पर अपना लिखित कारण दर्ज करेंगे।
मतदाता सूची में 5 विशेष श्रेणियों (ASDD) को शामिल किया जाएगा:
Post center
- A (Absent): अनुपस्थित
- S (Shifted): स्थानांतरित
- D (Duplicate): दोहरी प्रविष्टि
- D (Death): मृतक
- Refused to Sign: हस्ताक्षर से इनकार करने वाले (जिनमें वे लोग शामिल हैं जिन्होंने दूसरे देश की नागरिकता ले ली है या विदेशी नागरिक हैं)
पारदर्शिता के लिए बीएलए-2 की भूमिका अहम
श्री के. रवि कुमार ने बताया कि मतदाता सूची को त्रुटि रहित और समावेशी बनाने के लिए बीएलओ और बीएलए-2 के बीच समन्वय अनिवार्य है।
- ऑनलाइन निगरानी: बीएलओ-बीएलए-2 की बैठकों की कार्यवाही और तस्वीरें ईसीआईनेट (ECInet) पर अपलोड की जाएंगी।
- सार्वजनिक सूची: एएसडीडी सूची मतदान केंद्रों, पंचायत भवनों और शहरी निकायों के कार्यालयों में प्रकाशित की जाएगी।
- वेबसाइट पर उपलब्धता: 5 अगस्त 2026 को प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ ही, यह सूची जिला निर्वाचन पदाधिकारी और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की वेबसाइट पर भी ‘सर्चेबल फॉर्मेट’ में उपलब्ध होगी।
सीईओ ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे बीएलए-2 की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें ताकि मतदाता सूची का समकालीन अंकेक्षण (Audit) पारदर्शी तरीके से हो सके।



