दुबिल में ग्रामीणों का फूटा गुस्सा: सेल प्रबंधन पर गंभीर आरोप,

विधायक जगत माझी ने कहा- “केस होगा तो पहला नाम मेरा होगा”

चिड़िया (मनोहरपुर): दुबिल गांव में सेल (SAIL) प्रबंधन के खिलाफ चल रहा ग्रामीणों का आंदोलन मंगलवार को और उग्र हो गया। पिछले पांच दिनों से जारी इस आंदोलन में मनोहरपुर विधायक जगत माझी के पहुँचते ही ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं का दर्द छलक पड़ा। महिलाओं ने रो-रोकर प्रबंधन द्वारा प्रताड़ित किए जाने और झूठे केस की धमकी देने की व्यथा सुनाई।

क्या है पूरा मामला?

​आंदोलनकारियों का मुख्य आक्रोश सेल की वादाखिलाफी को लेकर है। ग्रामीणों के अनुसार:

  • रोजगार का वादा अधूरा: वर्ष 2025 में दुबिल माइंस में कार्यरत ठेका कर्मी बेसरा चांपिया की मृत्यु के बाद आश्रित को रोजगार देने का लिखित समझौता हुआ था। लंबे समय बाद भी नौकरी न मिलने से परिवार भुखमरी की कगार पर है।
  • सीएसआर (CSR) पर सवाल: स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर आरोप लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि एंबुलेंस में न दवा है और न ही प्राथमिक उपचार की व्यवस्था। मरीजों को दवा लेने के लिए अपने घर से बर्तन लाने को कहा जाता है।
  • पुलिस का दबाव: आंदोलनरत महिलाओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन और सेल प्रबंधन द्वारा लगातार फोन कर आंदोलन समाप्त करने और केस दर्ज करने की धमकियां दी जा रही हैं।

विधायक ने संभाला मोर्चा, प्रबंधन को दी चेतावनी

​आंदोलन स्थल पर विधायक जगत माझी ने बीडीओ शक्ति कुंज और अंचल अधिकारी प्रदीप कुमार के साथ पहुँचकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। विधायक ने आंदोलनकारियों को स्पष्ट आश्वासन दिया:

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​”किसी भी आंदोलनकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने दी जाएगी। अगर केस दर्ज होगा, तो सबसे पहले मेरा नाम होगा। मैं अपने पिता के संघर्ष और ग्रामीणों की शहादत को व्यर्थ नहीं जाने दूंगा।”

 

​विधायक ने सेल प्रबंधन के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि सेल ने स्थानीय लोगों का भरोसा खो दिया है, इसीलिए उन्हें बार-बार आंदोलनों का सामना करना पड़ रहा है।

प्रशासन और विधायक के प्रमुख निर्देश:

  • उच्च स्तरीय वार्ता: रोजगार के स्थायी समाधान के लिए जल्द ही सेल के कार्यपालक निदेशक (ईडी) को चिड़िया बुलाया जाएगा।
  • शिक्षा और स्वास्थ्य: बीडीओ को निर्देश दिया गया कि दुबिल गांव के बच्चों को डीएवी चिड़िया में निशुल्क शिक्षा मिले।
  • पेयजल समस्या: गांव में पेयजल संकट को देखते हुए अगले दिन से ही बोरिंग की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया गया।
  • सड़कों पर भारी वाहन: सेल के गेस्ट हाउस में प्रबंधन के साथ हुई बैठक में विधायक ने ग्रामीण सड़कों पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने की मांग की है।

​विधायक ने आंदोलन स्थल पर मौजूद ग्रामीणों के लिए भोजन (चावल-दाल) की व्यवस्था की और विश्वास दिलाया कि जब तक समाधान नहीं निकलता, वे ग्रामीणों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे।

The Voice Live 24x7

The Voice Live 24x7 संपादक प्रोफाइल जीतेन्द्र ज्योतिषी वर्तमान में the voice के प्रधान सम्पादक के साथ 'झारखंड जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन'के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं..