40 लाख के इनामी नक्सली ने छोड़ा हिंसा का रास्ता
चाईबासा, 11 अगस्त 2026। प

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श्चिमी सिंहभूम जिले में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है। ऑपरेशन ‘नवजीवन-III’ के तहत कोल्हान, पोड़ाहाट और सारंडा क्षेत्र में सक्रिय भाकपा माओवादी संगठन के चार सक्रिय सदस्यों ने पुलिस एवं सीआरपीएफ के समक्ष आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है।
आत्मसमर्पण करने वालों में 40 लाख रुपये का इनामी जोनल कमेटी सदस्य सालुका कायम उर्फ भुवनेश्वर उर्फ मारू उर्फ विक्रम उर्फ डांगिल उर्फ तुबुई उर्फ जयराम प्रमुख है। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा में 90 तथा सरायकेला में 6, कुल 96 मामले दर्ज हैं।
पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक आत्मसमर्पण के दौरान हथियार और अन्य सामग्री भी बरामद की गई है।
40 लाख के इनामी नक्सली ने छोड़ा हिंसा का रास्ता
सालुका कायम को पुलिस ने जोनल कमेटी सदस्य बताया है। उसके आत्मसमर्पण के साथ AK-47 राइफल, मैगजीन और 843 राउंड कारतूस समेत अन्य सामग्री बरामद होने की जानकारी दी गई है।
इसके अलावा तीन अन्य सक्रिय नक्सलियों ने भी आत्मसमर्पण किया है।
आत्मसमर्पण करने वाले चार नक्सली
1. सालुका कायम उर्फ भुवनेश्वर उर्फ मारू/विक्रम/डांगिल/तुबुई/जयराम
रैंक : जोनल कमेटी सदस्य
इनाम : ₹40 लाख
दर्ज मामले : कुल 96
बरामदगी : AK-47, मैगजीन, 843 राउंड कारतूस एवं अन्य सामग्री
2. कोदोमुनी कोड़ा उर्फ कोदम मुन्नी कोड़ा उर्फ कितामाई/गुल्टा कोड़ा
रैंक : दस्ता सदस्य
दर्ज मामले : चाईबासा में 7
बरामदगी : वायरलेस सेट और 697 राउंड कारतूस समेत अन्य सामग्री
3. पिंकी पूर्ति उर्फ सुकांती पूर्ति उर्फ मेचो पूर्ति
रैंक : दस्ता सदस्य
दर्ज मामले : चाईबासा में 13
बरामदगी : वायरलेस सेट और 639 राउंड कारतूस
4. अनिता तामसोय उर्फ अनिता कायम उर्फ मुक्ता उर्फ नुनी
रैंक : दस्ता सदस्य
दर्ज मामले : चाईबासा में 12 तथा सरायकेला में 1, कुल 13 मामले
बरामदगी : इंसास राइफल, मैगजीन और 97 राउंड कारतूस समेत अन्य सामग्री
2025 से अब तक 49 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
पश्चिमी सिंहभूम पुलिस के अनुसार वर्ष 2025 से जुलाई 2026 तक कुल 49 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इसी अवधि में पुलिस मुठभेड़ों में 22 नक्सली मारे गए, जबकि 60 नक्सलियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।
पुलिस के मुताबिक नक्सल विरोधी अभियानों के साथ-साथ सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का असर भी क्षेत्र में दिखाई दे रहा है।
सारंडा-पोड़ाहाट में लगातार अभियान
पुलिस के अनुसार कोल्हान, पोड़ाहाट और सारंडा क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा लगातार नक्सल विरोधी अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान जंगल-पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की मौजूदगी बढ़ाने के साथ ग्रामीण इलाकों में सामुदायिक पुलिसिंग और विकास गतिविधियों पर भी जोर दिया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वाले नक्सलियों के लिए राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति एक अवसर उपलब्ध करा रही है।
पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि, नक्सली संगठन को बड़ा झटका
15 अगस्त से ठीक पहले चार सक्रिय नक्सलियों का आत्मसमर्पण, जिसमें 40 लाख रुपये का इनामी जोनल कमांडर भी शामिल है, पश्चिमी सिंहभूम के नक्सल विरोधी अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
पुलिस प्रशासन का दावा है कि लगातार चल रहे संयुक्त अभियानों और आत्मसमर्पण नीति के चलते कोल्हान के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हिंसक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।



