रांची। झारखंड में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर चल रही सियासी गहमागहमी के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवाणी का नामांकन पत्र रिटर्निंग ऑफिसर (निर्वाची पदाधिकारी) रंजीत कुमार ने स्वीकृत कर लिया है। नामांकन मंजूर होने के साथ ही पिछले कुछ दिनों से जारी अटकलों और राजनीतिक विवादों का पटाक्षेप हो गया है।
क्या था पूरा मामला?
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया के दौरान परिमल नथवाणी के नाम को लेकर तकनीकी विवाद खड़ा हो गया था। उनके दस्तावेजों में नाम के क्रम को लेकर (कहीं परिमल नथवाणी तो कहीं नथवाणी परिमल) कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा ने आपत्ति दर्ज कराई थी। इस आपत्ति के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने उनके नामांकन पत्र को ‘होल्ड’ पर रख दिया था।
लगातार दो दिनों तक चले इस मंथन और छानबीन के बाद, बुधवार को निर्वाचन आयोग ने सभी पहलुओं की जांच करते हुए परिमल नथवाणी के नामांकन को सही पाया और उसे स्वीकार कर लिया।
चुनावी जंग और समीकरण
झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में हैं, जिससे चुनावी मुकाबला दिलचस्प हो गया है। मौजूदा समीकरण इस प्रकार हैं:
- परिमल नथवाणी: निर्दलीय उम्मीदवार (एनडीए समर्थित)।
- बैद्यनाथ राम: झारखंड मुक्ति मोर्चा (महागठबंधन)।
- प्रणव झा: कांग्रेस (महागठबंधन)।
झारखंड विधानसभा में हाल के दिनों में इस चुनाव को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच काफी तीखी बहस और प्रदर्शन देखने को मिले थे। अब जबकि नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, सभी की निगाहें मतदान पर टिकी हैं। अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि राज्यसभा की इन दो सीटों पर जीत का सेहरा किसके सिर बंधता है।



