दावो की बिसात पर बयानों की तीरंदाजी
रांची: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए मतदान के साथ ही राज्य की राजनीति का पारा चरम पर पहुँच गया है। विधानसभा में जैसे ही वोटिंग शुरू हुई, सत्ताधारी इंडिया गठबंधन और विपक्षी एनडीए के बीच जुबानी जंग तेज हो गई। दोनों ही खेमे अपनी जीत को लेकर आश्वस्त नजर आ रहे हैं, जिससे माहौल काफी रोमांचक हो गया है।
‘जय श्री राम’ बनाम ‘संख्याबल हमारे साथ’
मतदान के दौरान भाजपा विधायक देवेंद्र कुंवर का आत्मविश्वास देखते ही बना। अपना वोट डालने के बाद उन्होंने विक्ट्री साइन बनाते हुए कटाक्ष किया, “जय श्री राम, हो गया काम।” उनके इस बयान ने भाजपा खेमे में उत्साह का संचार कर दिया।
वहीं, सत्ता पक्ष ने भी पलटवार करने में कोई देरी नहीं की। जेएमएम महासचिव मिथिलेश कुमार ठाकुर ने विपक्षी दावों को खारिज करते हुए कहा, “संख्याबल हमारे साथ है और हम बेहद आरामदायक स्थिति में हैं। इंडिया गठबंधन का कोई भी विधायक बिकने वाला नहीं है। परिमल नाथवानी को इस बार हार का सामना करना ही पड़ेगा।”
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परिमल नाथवानी की जीत का दावा और महागठबंधन का पलटवार
निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी को लेकर एनडीए पूरी तरह लामबंद नजर आया। भाजपा नेता भानु प्रताप शाही ने दावा किया कि नाथवानी को 36 वोट मिल रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने भी हुंकार भरते हुए कहा कि नाथवानी आसानी से जीत का जादुई आंकड़ा पार कर लेंगे। वहीं, भाजपा विधायक दल के मुख्य सचेतक अमर कुमार बाउरी ने 35 विधायकों के समर्थन का पर्चा लहराते हुए नाथवानी की जीत सुनिश्चित बताई।
इसके विपरीत, महागठबंधन ने भी आक्रामक रुख अपना रखा है। जेएमएम प्रत्याशी बैजनाथ राम ने कहा, “दोनों सीटों पर इंडिया गठबंधन की जीत पक्की है। परिमल नाथवानी जैसे आए हैं, वैसे ही खाली हाथ वापस जाएंगे।” मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने फ्रंटफुट पर खेलते हुए कहा कि जीत का वास्तविक आंकड़ा केवल और केवल महागठबंधन के पास है। माले के पार्टी एजेंट हलधर प्रसाद और गीता मंडल ने भी दो टूक कहा कि दोनों सीटें महागठबंधन की झोली में आ रही हैं।
किसके सिर सजेगा जीत का ताज?
फिलहाल, विधायकों की किस्मत और जनता की नजरें बैलेट बॉक्स पर टिकी हैं। अब बस चंद घंटों की बात है, जिसके बाद तस्वीर साफ हो जाएगी कि इस सियासी रण में कौन विजेता बनकर निकलता है और किसे ‘पॉलिटिकल वॉकओवर’ का सामना करना पड़ता है।



