रांची के कृषि व्यापार मेले में ‘महाझिंगा’ मछली का जलवा

किसानो की आय का नया और सशक्त जरिया

रांची: राजधानी के मोरहाबादी मैदान में आयोजित कृषि व्यापार मेला इस बार किसानों के लिए नई उम्मीदें लेकर आया है। मेले में जहां एक ओर आधुनिक कृषि यंत्र आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं, वहीं मत्स्य निदेशालय के स्टॉल पर प्रदर्शित ‘महाझिंगा’ (फ्रेशवॉटर प्रॉन) मछली ने लोगों और किसानों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।

​महाझिंगा पालन: किसानों के लिए मुनाफे का सौदा

​मत्स्य निदेशालय के स्टॉल पर किसानों को मत्स्य पालन की नई तकनीकों और सरकारी अनुदानों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। मेले में सिमडेगा के केलाघाट (तेलाघाट) जलाशय में उत्पादित महाझिंगा को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया है।

​आइसिआर-सेंट्रल इंलैंड फिशरीज रिसर्च इंस्टीट्यूट कोलकाता के वैज्ञानिक एके दास ने बताया कि महाझिंगा पालन किसानों के लिए अतिरिक्त आय का एक बेहद सशक्त जरिया बनकर उभर रहा है। उन्होंने बताया कि महाझिंगा की फसल मात्र 9 महीने में तैयार हो जाती है, जिससे कम समय में किसानों को बेहतर मुनाफा मिल रहा है।

​9 जिलों में तेजी से फैल रहा महाझिंगा का क्रेज

​झारखंड के जलाशयों में महाझिंगा पालन की सफलता को देखते हुए राज्य सरकार और मत्स्य विभाग इसके विस्तार पर जोर दे रहे हैं। वर्तमान में यह परियोजना सफलतापूर्वक 9 जिलों में संचालित की जा रही है, जिनमें शामिल हैं:

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  • सिमडेगा
  • गुमला
  • लोहरदगा
  • दुमका

​भविष्य की संभावनाएं और बाजार में मांग

​महाझिंगा की बढ़ती मांग को देखते हुए विभाग ने इसके व्यावसायिक उत्पादन को बढ़ावा देने की योजना तैयार की है। वर्तमान में राज्य में 200 से 400 हेक्टेयर क्षेत्र में इसका उत्पादन हो रहा है, जबकि राज्य में लगभग 1000 हेक्टेयर जलाशय क्षेत्र में इसके विस्तार की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

​कृषि व्यापार मेले में आने वाले लोग महाझिंगा की गुणवत्ता और आकार देखकर काफी प्रभावित हैं। स्टॉल पर महाझिंगा की बिक्री भी की जा रही है, जहां 1000 रुपये में 250 ग्राम वजन की तीन महाझिंगा मछली उपलब्ध है।

​किसानों को मिल रहा सरकारी सहयोग

​मेले में मत्स्य विभाग की ओर से किसानों को आधुनिक और हाईटेक मशीनों के बारे में जानकारी दी जा रही है, साथ ही मत्स्य पालन से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं और 90 प्रतिशत तक मिलने वाले अनुदान के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है। यह पहल निश्चित रूप से झारखंड के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रही है।

The Voice Live 24x7

The Voice Live 24x7 संपादक प्रोफाइल जीतेन्द्र ज्योतिषी वर्तमान में the voice के प्रधान सम्पादक के साथ 'झारखंड जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन'के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं..