प्रशासनिक टकराव और विकास की डगर: क्या उपायुक्त मनीष कुमार सुलझा पाएंगे चाईबासा नगर परिषद का ‘द्वंद्व’?

प्रशासनिक टकराव और विकास की डगर: क्या उपायुक्त मनीष कुमार सुलझा पाएंगे चाईबासा नगर परिषद का ‘द्वंद्व’?

चाईबासा: नगर परिषद के गलियारों में पिछले काफी समय से जारी ‘बोर्ड बनाम कार्यपालक’ का विवाद अब जिले के सर्वोच्च प्रशासनिक स्तर पर पहुँच गया है। चाईबासा के विकास की रुकी हुई रफ़्तार को फिर से पटरी पर लाने के लिए नवनिर्वाचित अध्यक्ष नितिन प्रकाश के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने नवपदस्थापित उपायुक्त (DC) मनीष कुमार से मुलाकात की।

दबे स्वर और विकास का ‘गतिरोध’

​कहने को तो यह एक शिष्टाचार भेंट थी, लेकिन इसके भीतर चाईबासा की बुनियादी समस्याओं और प्रशासनिक खींचतान की गहरी टीस छिपी थी। सूत्रों के अनुसार, अध्यक्ष नितिन प्रकाश ने आय-व्यय के विवरण और कार्यशैली को लेकर पूर्व में भी पत्राचार किया था, लेकिन स्थिति जस की तस बनी रही। जनप्रतिनिधियों (वार्ड पार्षदों) का आरोप है कि ‘बोर्ड’ और ‘कार्यपालक पदाधिकारी’ के बीच तालमेल की कमी के कारण शहर के विकास कार्य ठप पड़े हैं।

प्रमुख मुद्दे जिन पर फंसा है पेंच:

  • आय-व्यय की पारदर्शिता: वित्तीय विवरणों को लेकर बोर्ड और प्रशासन के बीच स्पष्टता का अभाव।
  • जनप्रतिनिधियों का सम्मान: वार्ड पार्षदों ने अपनी अनदेखी और मान-सम्मान को लेकर उपायुक्त के समक्ष ज्ञापन सौंपा।
  • बुनियादी सुविधाएं: सफाई व्यवस्था, ड्रेनेज सिस्टम और स्ट्रीट लाइट जैसे जरूरी कार्यों की धीमी प्रगति।

उपायुक्त का सख्त और संजीदा रुख

​पूरे मामले को सुनने के बाद उपायुक्त मनीष कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने न केवल पार्षदों के दर्द को समझा, बल्कि कार्यपालक को स्पष्ट निर्देश दिए कि “स्वशासी संस्थाओं में जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों का महत्व सर्वोपरि है।” उनके साथ बेहतर समन्वय बनाए बिना विकास की कल्पना करना असंभव है।

“डीसी मनीष कुमार ने भरोसा दिलाया है कि वे जल्द ही स्वयं नगर परिषद का दौरा कर स्थिति का जायजा लेंगे। यह आश्वासन चाईबासा की जनता के लिए एक नई उम्मीद की किरण बनकर उभरा है।”

 

​समन्वय ही एकमात्र समाधान

​लोकतांत्रिक व्यवस्था में ‘बोर्ड’ नीति बनाता है और ‘कार्यपालक’ उसे धरातल पर उतारता है। यदि ये दोनों पहिए एक साथ नहीं घूमेंगे, तो नुकसान केवल आम जनता का होगा। डीसी की इस सकारात्मक पहल से अब यह उम्मीद जगी है कि नगर परिषद का ‘शीतयुद्ध’ समाप्त होगा और फाइलें टेबल से निकलकर धरातल पर काम दिखाएंगी।

रिपोर्ट: जितेंद्र ज्योतिषी

विशेष प्रस्तुति: The वॉयस (अबुआ अखाडा)

The Voice Live 24x7

The Voice Live 24x7 संपादक प्रोफाइल जीतेन्द्र ज्योतिषी वर्तमान में the voice के प्रधान सम्पादक के साथ 'झारखंड जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन'के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं..