राज्यसभा चुनाव की ‘डिनर डिप्लोमेसी’

रांची के होटल बने सियासी अखाड़े, शह-मात का खेल तेज

रांची: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव ने राज्य की सियासी फिजाओं को गर्मा दिया है। मतदान के महज कुछ घंटों पहले राजधानी रांची पूरी तरह से ‘पॉलिटिकल कैंपिंग’ में तब्दील हो गई है। जीत के समीकरण साधने के लिए अब ‘होटल डिप्लोमेसी’ का सहारा लिया जा रहा है, जहाँ पांच सितारा होटलों के बंद कमरों में वोटों का गणित बुना जा रहा है।

​’घेराबंदी’ और ‘डिनर डिप्लोमेसी’

​पार्टी में टूट और किसी भी प्रकार की क्रॉस वोटिंग के डर से राजनीतिक दलों ने अपने विधायकों की सुरक्षा और घेराबंदी चाक-चौबंद कर दी है।

  • NDA का डेरा: भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी के समर्थन में एनडीए खेमे के विधायकों को रेडिसन ब्लू होटल में सुरक्षित रखा गया है।
  • कांग्रेस की सतर्कता: वहीं, कांग्रेस ने अपने विधायकों को बीएनआर चाणक्य होटल में ठहराकर एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की है। रणनीति यह है कि मतदान के दिन सभी विधायकों को बस के जरिए सीधे झारखंड विधानसभा ले जाया जाएगा, ताकि बीच में कोई सेंधमारी न हो सके।

​कड़ा मुकाबला: कौन मारेगा बाजी?

​इस बार दो सीटों के लिए तीन प्रत्याशी मैदान में हैं, जिससे मुकाबला दिलचस्प हो गया है।

Post center

IMG-20260701-WA0366
IMG-20260701-WA0366
  • गणित: जीत के लिए प्रत्येक प्रत्याशी को 28 प्रथम वरीयता के वोटों की दरकार है।
  • इंडिया गठबंधन: संख्या बल के लिहाज से इंडिया गठबंधन मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है। झामुमो के बैजनाथ राम की जीत लगभग तय मानी जा रही है।
  • भाजपा का पेंच: भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के पास वर्तमान में 24 विधायकों का समर्थन है। उन्हें जीत हासिल करने के लिए कम से कम 4 अतिरिक्त वोटों की जुगाड़ करनी होगी, जो इस चुनाव का सबसे बड़ा रोमांच है।

​सक्रिय है ‘वॉर रूम’

​कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने मोर्चा संभाल रखा है। मुख्यमंत्री आवास से लेकर राजद कार्यालय तक बैठकों का दौर जारी है। गठबंधन का दावा है कि उनके सभी विधायक पूरी तरह एकजुट हैं और ‘किला फतह’ करना महज औपचारिकता है।

किसकी रणनीति होगी कामयाब?

राज्यसभा चुनाव की यह जंग केवल संख्या बल की नहीं, बल्कि समन्वय और साख की भी है। क्या एनडीए अतिरिक्त वोट जुटाकर कोई उलटफेर कर पाएगा, या इंडिया गठबंधन अपनी ताकत बरकरार रखेगा? इन सवालों के जवाब जल्द ही विधानसभा के गलियारों से बाहर आएंगे।

रिपोर्ट: नवल किशोर सिंह

The Voice Live 24x7

The Voice Live 24x7 संपादक प्रोफाइल जीतेन्द्र ज्योतिषी वर्तमान में the voice के प्रधान सम्पादक के साथ 'झारखंड जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन'के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं..