राज्य सरकार 10000 करोड़ के मदर ऑफ ऑल स्कैम ट्रेजरी घोटाले को सुनियोजित तरीके से दफनाने में लगी- प्रतुल शाह देव 

रांची: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य सरकार पर झारखंड के अब तक के सबसे बड़े ‘ट्रेजरी घोटाले’ (कोषागार घोटाला) को दबाने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। भाजपा का दावा है कि करीब 10,000 करोड़ रुपये के इस घोटाले की जांच के लिए बनाई गई एसआईटी (SIT) के गठन में ही खोट है और सरकार “बड़ी मछलियों” को बचाने का प्रयास कर रही है।

एसआईटी की निष्पक्षता पर सवाल: “जांचने वाले खुद शक के घेरे में”

​प्रतुल शाहदेव ने प्रेस वार्ता में कहा कि एसआईटी टीम में ऐसे अधिकारियों को शामिल किया गया है, जो घोटाले के कालखंड के दौरान संबंधित जिलों में एसपी और डीएसपी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर तैनात थे।

  • विरोधाभास: उन्होंने बताया कि एसआईटी के एक सदस्य 2022 में बोकारो के एसपी थे और दूसरे सदस्य 2014-16 के दौरान हजारीबाग के डीएसपी थे। इन दोनों ही जिलों में उस समय ट्रेजरी में गड़बड़ी की खबरें आई थीं।
  • किंगपिन का कनेक्शन: आरोप है कि 2018 में घोटाले के मुख्य आरोपी (किंगपिन) कौशल पांडे को नियमों को ताक पर रखकर बोकारो में महत्वपूर्ण प्रभार दिया गया था, जबकि उस समय वर्तमान एसआईटी के एक सदस्य वहां एसपी के पद पर थे।

14 किलो सोने की सुरक्षा पर संशय

​भाजपा प्रवक्ता ने एक और गंभीर मुद्दा उठाते हुए बोकारो स्ट्रांग रूम में जमा करीब 12 से 14 किलो सोने की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगाया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि:

​”सरकार स्पष्ट करे कि क्या वह सोना सुरक्षित है या उसमें भी हेराफेरी हो चुकी है? एसआईटी को तुरंत स्ट्रांग रूम का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करना चाहिए।”

 

सिर्फ क्लर्कों पर गिरी गाज, अफसर अब भी पद पर बरकरार

​प्रतुल ने वित्त विभाग के आदेश संख्या (2)- 12/26, 252 का हवाला देते हुए कहा कि सरकार ने केवल छोटे कर्मचारियों (क्लर्क और किरानी) का तबादला कर खानापूर्ति की है। जबकि ट्रेजरी ऑफिसर और डीडीओ (DDO), जिनकी देखरेख में यह करोड़ों का खेल हुआ, वे आज भी उन्हीं पदों पर जमे हुए हैं। भाजपा का तर्क है कि इन अधिकारियों की मौजूदगी में निष्पक्ष जांच संभव नहीं है क्योंकि वे सबूत मिटा सकते हैं।

एजी (AG) की रिपोर्ट ने खोली पोल

​2 अप्रैल 2026 को प्रिंसिपल एजी द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट के चौंकाने वाले आंकड़े भी पेश किए गए:

  • डेटा के साथ छेड़छाड़: 2023 से 2026 के बीच 2,175 कर्मचारियों की जन्मतिथि बदली गई।
  • पैन और जॉइनिंग: 2,890 पैन कार्ड नंबरों और 5,037 कर्मचारियों की जॉइनिंग तिथि के साथ छेड़छाड़ पाई गई।
  • अनियमितता: 58% महंगाई भत्ते (DA) को कई गुना बढ़ाकर फर्जीवाड़ा किया गया।

भाजपा की मांग: ईडी और सीबीआई जांच अनिवार्य

​भाजपा ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का मौजूदा रवैया इस “मदर ऑफ ऑल स्कैम” को ठंडे बस्ते में डालने जैसा है। प्रतुल शाहदेव ने मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए अविलंब ईडी (ED) और सीबीआई (CBI) जांच के आदेश दिए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो पार्टी भविष्य में उग्र आंदोलन का रुख करेगी।

​इस प्रेस वार्ता में प्रदेश सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाइक भी उपस्थित थे।

The Voice Live 24x7

The Voice Live 24x7 संपादक प्रोफाइल जीतेन्द्र ज्योतिषी वर्तमान में the voice के प्रधान सम्पादक के साथ 'झारखंड जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन'के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं..