केंद्र सरकार कई राज्यों में चला रही नाम काटने का अभियान, सतर्क रहें ग्रामीण: निरल पूर्ति
मझगांव/चाईबासा– मझगांव विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक निरल पूर्ति ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों को मतदाता सूची के प्रति सजग रहने की अपील की है। विधायक ने आरोप लगाया कि गैर-भाजपा शासित राज्यों में एक सोची-समझी साजिश के तहत लाखों लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, ताकि सत्ता समीकरणों को प्रभावित किया जा सके।
मझगांव में ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) को लेकर चिंता
विधायक निरल पूर्ति को क्षेत्र भ्रमण के दौरान यह सूचना मिली है कि मझगांव विधानसभा में कई वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से कट गए हैं या छूट रहे हैं। उन्होंने कहा, “विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कई लोगों का नाम छूटने की जानकारी मिल रही है। यह गंभीर विषय है। चुनाव आयोग संदिग्ध वोटर मानकर नाम हटा देता है, विशेषकर उन लोगों का जो रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में रहते हैं।”
विधायक ने स्पष्ट किया कि यदि किसी का नाम इस बार छूट भी जाता है, तो 3 माह बाद पुनः चलने वाले कार्यक्रम में इसे अवश्य जुड़वाएं। उन्होंने ग्रामीणों से अपने प्रवासी रिश्तेदारों और दोस्तों को वापस बुलाकर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का आह्वान किया ताकि वे झारखंड के अधिकारिक वोटर बने रहें
जनगणना 2027 और रिकॉर्ड संधारण की अपील
विधायक ने आगामी जनगणना 2027को लेकर भी लोगों को चेताया। उन्होंने कहा कि फॉर्म भरते समय अपनी पूरी और सटीक जानकारी दें तथा उस फॉर्म का एक रिकॉर्ड (दस्तावेज) अपने पास सुरक्षित रखें। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य के विकास को केंद्र सरकार की “आंख की किरकिरी” बताते हुए उन्होंने कहा कि हमें अपनी नागरिकता और मताधिकार की रक्षा के लिए सभी कागजी कार्रवाई में सतर्क रहना होगा।
- मुख्य बिंदु:-
मझगांव विधानसभा में नाम कटने की सूचना पर विधायक ने जताई चिंता।
दूसरे राज्यों में कार्यरत श्रमिकों को वापस आकर नाम जुड़वाने की सलाह।



