गुवा में सेल प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन तेज: पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के नेतृत्व में चक्का जाम जारी, वार्ता रही बेनतीजा

गुवा में सेल प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन तेज: पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के नेतृत्व में चक्का जाम जारी, वार्ता रही बेनतीजा

गुवा (पश्चिम सिंहभूम): स्थानीय रोजगार और विस्थापितों के हक की मांग को लेकर सेल (SAIL) की गुवा माइंस के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन अब उग्र रूप लेता जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के नेतृत्व में सेल प्रबंधन के खिलाफ अनिश्चितकालीन चक्का जाम सोमवार को भी जारी रहा। आंदोलनकारियों और प्रबंधन के बीच हुई वार्ता के विफल होने के बाद ग्रामीणों और मजदूरों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।

वार्ता विफल, सड़क पर डटे हजारों ग्रामीण

​आज सेल प्रबंधन और आंदोलनकारियों के बीच मांगों को लेकर एक महत्वपूर्ण दौर की बातचीत हुई। हालांकि, प्रबंधन की ओर से कोई ठोस प्रस्ताव नहीं मिलने के कारण यह वार्ता पूरी तरह बेनतीजा रही। वार्ता विफल होने की खबर मिलते ही गुवा की सड़कों पर हजारों की संख्या में ग्रामीण, मजदूर और मुंडा-मानकी प्रतिनिधि जुट गए और विरोध प्रदर्शन को और तेज कर दिया।

क्या हैं प्रमुख मांगें?

​पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने आंदोलन का मोर्चा संभालते हुए स्पष्ट किया कि जब तक स्थानीय लोगों को उनका हक नहीं मिलता, पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता। आंदोलन की मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:

  • स्थानीय युवाओं को रोजगार: सेल की परियोजनाओं में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर नौकरी दी जाए।
  • 72 मजदूरों की बहाली: हटाए गए 72 मजदूरों को बिना शर्त तत्काल वापस काम पर रखा जाए।
  • ग्रामीणों का अधिकार: प्रभावित ग्रामीणों के लिए सीएसआर और अन्य बुनियादी अधिकारों को सुनिश्चित किया जाए।

प्रबंधन पर वादाखिलाफी का आरोप

​आंदोलनकारियों का आरोप है कि सेल प्रबंधन केवल आश्वासन देने का काम कर रहा है। ग्रामीणों ने कहा, “इससे पहले 20 अप्रैल 2026 को भी चक्का जाम किया गया था, जिसे प्रशासन और प्रबंधन के भरोसे पर स्थगित कर दिया गया था। लेकिन 5 मई की वार्ता भी बेनतीजा रही और प्रबंधन अपने वादों से मुकर गया।”

“हक मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष” – मधु कोड़ा

​आंदोलन स्थल पर मौजूद पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने दो-टूक शब्दों में कहा कि स्थानीय लोगों की मांगें पूरी तरह जायज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सेल प्रबंधन क्षेत्र से खनिज संपदा तो निकाल रहा है, लेकिन यहां के मूलवासियों को बेरोजगारी और प्रदूषण के सिवा कुछ नहीं मिल रहा। उन्होंने घोषणा की कि जब तक रोजगार और अन्य मांगों पर लिखित और ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक चक्का जाम और आंदोलन जारी रहेगा।

प्रशासनिक सतर्कता

​हजारों की संख्या में ग्रामीणों के जुटने और मुंडा-मानकी प्रतिनिधियों के समर्थन से क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लगी हैं और गुवा में परिचालन पूरी तरह ठप है।

ब्यूरो रिपोर्ट, न्यूज़ डेस्क।

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The Voice Live 24x7 संपादक प्रोफाइल जीतेन्द्र ज्योतिषी वर्तमान में the voice के प्रधान सम्पादक के साथ 'झारखंड जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन'के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं..