नगर निगम की मनमानी के खिलाफ सड़कों पर उतरे हजारों पथ विक्रेता,

नगर निगम की मनमानी के खिलाफ सड़कों पर उतरे हजारों पथ विक्रेता, कहा- “अवैध बेदखली बंद करो, कानून लागू करो”

रांची: शहर में रांची नगर निगम (RMC) द्वारा की जा रही लगातार बेदखली कार्रवाई के विरोध में आज हजारों की संख्या में पथ विक्रेता सड़कों पर उतर आए। आज 14 जुलाई को आयोजित इस विशाल प्रदर्शन में पथ विक्रेताओं ने निगम की कार्रवाई को “क्रूर और गैर-कानूनी” बताते हुए अपनी आजीविका की रक्षा के लिए आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया।

​”कानून का पालन करो” के नारों से गूंजा शहर

​जयपाल सिंह स्टेडियम से शुरू हुई यह रैली फिरायालाल चौक होते हुए रांची नगर निगम कार्यालय तक पहुँची। इस दौरान हजारों की संख्या में शामिल महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें “स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014” को प्रभावी ढंग से लागू करने और बिना पुनर्वास के किसी भी दुकानदार को नहीं हटाने की थी। रैली का समापन नागा बाबा खटाल के पास एक जनसभा के साथ हुआ।

​नेताओं ने दी चेतावनी

​इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे विभिन्न श्रमिक और सामाजिक संगठनों के नेताओं ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है।

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  • भाकपा प्रदेश सचिव महेंद्र पाठक ने कहा कि, “गरीबों की रोज़ी-रोटी पर बुलडोज़र चलाना लोकतांत्रिक सरकार के लिए शर्मनाक है। प्रशासन को दमन का रास्ता छोड़कर कानून का पालन करना चाहिए।”
  • AITUC के महासचिव अशोक यादव ने इसे सम्मान की लड़ाई बताते हुए कहा कि यदि निगम ने अपनी मनमानी नहीं रोकी, तो यह आंदोलन पूरे राज्य में विस्तारित होगा।
  • IHA के राज्य सचिव विकास वर्मा ने आरोप लगाया कि सर्वे और पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी किए बिना की जा रही हर बेदखली अवैध है। उन्होंने कहा, “हम प्रत्येक गैर-कानूनी कार्रवाई को अदालत में चुनौती देंगे।”
  • IHA के राष्ट्रीय संयोजक संदीप वर्मा ने कहा कि आज का जनसैलाब यह संदेश देने के लिए काफी है कि पथ विक्रेता अब अन्याय बर्दाश्त नहीं करेंगे।

​पथ विक्रेताओं की प्रमुख मांगें

​प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के समक्ष सात सूत्री मांगें रखी हैं:

  1. ​स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट, 2014 का तत्काल एवं पूर्ण अनुपालन हो।
  2. ​झारखंड उच्च न्यायालय के आदेशों का अक्षरशः पालन किया जाए।
  3. ​सभी अवैध बेदखली अभियानों पर तत्काल रोक लगाई जाए।
  4. ​सभी पात्र विक्रेताओं का सर्वेक्षण कर उन्हें पहचान पत्र और वेंडिंग प्रमाण-पत्र दिए जाएं।
  5. ​टाउन वेंडिंग कमेटी (TVC) का नियमित गठन एवं संचालन सुनिश्चित हो।
  6. ​पुनर्वास की व्यवस्था के बिना किसी को न हटाया जाए।
  7. ​अवैध वसूली और उत्पीड़न में लिप्त अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो।

​नेताओं ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और भी उग्र रूप लेगा।

The Voice Live 24x7

The Voice Live 24x7 संपादक प्रोफाइल जीतेन्द्र ज्योतिषी वर्तमान में the voice के प्रधान सम्पादक के साथ 'झारखंड जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन'के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं..