विवेकानंद विद्या मंदिर गबन मामला, CA प्रवीण कुमार सिन्हा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
रांची: श्री रामकृष्ण सेवा संघ द्वारा संचालित विवेकानंद विद्या मंदिर में हुए करोड़ों रुपये के गबन मामले में आरोपियों की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। हाल ही में, इस मामले में आरोपी चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) प्रवीण कुमार सिन्हा को बड़ा झटका लगा है।
अपर न्यायायुक्त-III एके तिवारी की अदालत ने सीए प्रवीण कुमार सिन्हा द्वारा दायर की गई अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। यह मामला चुटिया थाना में दर्ज प्राथमिकी संख्या 130/2022 से संबंधित है।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी
जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने अपने आदेश में गंभीर टिप्पणियां कीं। न्यायालय ने कहा कि पुलिस द्वारा प्रस्तुत केस डायरी में नामजद आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत मौजूद हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस मामले में आपराधिक षड्यंत्र के साथ-साथ धोखाधड़ी और जालसाजी का सहारा लिया गया है, जिसके कारण शिक्षण संस्थान को 5 करोड़ 72 लाख रुपये का बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
इस मामले की शुरुआत 7 जून 2022 को हुई थी, जब श्री रामकृष्ण सेवा संघ के तत्कालीन कोषाध्यक्ष तन्मय मुखर्जी ने चुटिया थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप है कि संस्थान की राशि का गबन सुनियोजित तरीके से किया गया।
इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों में निम्नलिखित नाम शामिल हैं:
- अभय कुमार मिश्रा
- काशीनाथ मुखर्जी
- मलय नंदी
- आदित्य बनर्जी
- ठेकेदार राजेश कुमार सिंह
गौरतलब है कि प्रवीण कुमार सिन्हा से पहले इस मामले के अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाएं भी अदालत द्वारा खारिज की जा चुकी हैं।
रिपोर्ट :- नवल किशोर सिंह



