बिना कोचिंग के राजस्व सेवा में दर्ज की कामयाबी
हजारीबाग: संकल्प, सादगी और कठिन परिश्रम हो तो मंजिल खुद-ब-खुद कदम चूमती है। हजारीबाग के हीराबाग की रहने वाली मेधावी छात्रा मधु कुमारी ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर पूरे राज्य और अपने परिवार का मान बढ़ाया है। राजस्व सेवा में ‘सीओ’ (CO) के पद पर चयनित होकर मधु ने यह साबित कर दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति के सामने कोई भी लक्ष्य कठिन नहीं है।
शिक्षा से प्रशासनिक सेवा तक का सफर
हजारीबाग के पत्रकार सह प्रेस क्लब सचिव मिथिलेश मिश्र और माता मीरा देवी की सुपुत्री मधु की सफलता किसी प्रेरणा से कम नहीं है। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि अत्यंत प्रभावशाली रही है:
- प्रारंभिक शिक्षा: कार्मल स्कूल, हजारीबाग।
- उच्च शिक्षा: संत जेवियर्स स्कूल, हजारीबाग से 12वीं के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में फर्स्ट क्लास स्नातक।
- तैयारी का मंत्र: बिना किसी कोचिंग के आत्मनिर्भर होकर प्रतिदिन 6 से 7 घंटे की एकाग्रतापूर्ण पढ़ाई।
आत्मविश्वास ही बना सबसे बड़ा संबल
अपनी सफलता के पीछे के रहस्यों को साझा करते हुए मधु बताती हैं कि उन्होंने कभी भी विषयों को रटने के बजाय उनके ‘कॉन्सेप्ट’ को क्लियर करने पर जोर दिया। यही कारण है कि चाहे पीटी हो, मेंस हो या फिर कठिन साक्षात्कार—वह पूरी तरह आश्वस्त थीं। साक्षात्कार के दौरान उनसे समसामयिक मुद्दों, विशेषकर इजरायल-ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे वैश्विक तनाव पर प्रश्न पूछे गए, जिनका उन्होंने बेबाकी और स्पष्टता के साथ उत्तर दिया।
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‘बेटियों की उड़ान’ का एक आदर्श उदाहरण
मधु की इस कामयाबी में उनके परिवार का अटूट समर्थन शामिल है। पिता मिथिलेश मिश्र, माता मीरा देवी, भाई अमित, आकाश और पूरी पारिवारिक टीम ने कभी बेटा-बेटी के बीच अंतर नहीं किया। यही पारिवारिक वातावरण मधु को हर चुनौती से लड़ने की शक्ति देता रहा। परिवार के अन्य सदस्य कमलेश्वर मिश्र और रूबी देवी ने भी उनकी इस उपलब्धि पर गर्व जाहिर किया है।

“सफलता के लिए आत्मविश्वास, एकाग्रता, जज्बा, परिश्रम और समर्पण का होना बेहद जरूरी है। मैंने हमेशा अपने कॉन्सेप्ट को क्लियर रखने की कोशिश की, जिसका परिणाम आज सबके सामने है।”
— मधु कुमारी (नव-चयनित राजस्व अधिकारी)
अगला लक्ष्य: UPSC का सपना
बीपीएससी में सफलता के बाद अब मधु की नजरें यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) की ओर हैं। वह प्रशासनिक सेवा के माध्यम से समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों की सेवा करना चाहती हैं। मधु की यह उपलब्धि हजारीबाग के उन तमाम युवाओं के लिए एक मशाल है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।
उपलब्धि पर चहुंओर बधाई: मधु के चयनित होने की खबर मिलते ही हजारीबाग में जश्न का माहौल है। पत्रकार जगत, शुभचिंतकों और स्थानीय लोगों ने इसे ‘बेटी की बड़ी जीत’ बताते हुए मधु के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।



