चाईबासा के ऐतिहासिक करणी मंदिर में भगवान भोलेनाथ का हुआ अलौकिक संध्या श्रृंगार दर्शन
चाईबासा, झारखंड:
पवित्र सावन मास के पावन अवसर पर ताजनगरी चाईबासा के शिवालयों में इन दिनों देवाधिदेव महादेव की आराधना की गूंज चारों तरफ सुनाई दे रही है। शहर के विभिन्न शिव मंदिरों में सावन के इस पावन महीने में भोलेनाथ के विभिन्न स्वरूपों के विशेष शृंगार और पूजन का विधान है। इसी क्रम में आज संध्या बेला में चाईबासा के प्रसिद्ध करणी मंदिर में भगवान भोलेनाथ का अति-मनोरम और भव्य शृंगार किया गया, जिसके दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े।
अलौकिक रूप में सजे भोलेनाथ
सावन मास की शुक्ल/कृष्ण पक्ष की तिथियों के बीच संध्या आरती के समय करणी मंदिर के गर्भ गृह को विशेष रूप से सजाया गया।
भगवान भोलेनाथ के इस विशेष संध्या शृंगार में निम्नलिखित विशेषताएँ आकर्षण का केंद्र रहीं:
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- पुष्प सज्जा: ताजे और सुगंधित फूलों से बाबा का भव्य दरबार सजाया गया था।
- दिव्य आभूषण व वस्त्र: महादेव को बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल और शमी पत्र के साथ-साथ पारंपरिक आभूषणों से अलंकृत किया गया।
- महाआरती: संध्या बेला में विधि-विधान से मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव की महाआरती की गई, जिससे पूरा मंदिर परिसर “हर हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयकारों से गूंज उठा।
श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब
करणी मंदिर में सजे भोलेनाथ के इस दुर्लभ संध्या शृंगार दर्शन का लाभ उठाने के लिए चाईबासा शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी भारी संख्या में शिव भक्त पहुँचे। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने लंबी कतारों में लगकर बाबा भोलेनाथ के दर्शन किए और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि सावन मास के पूरे महीने मंदिर में विशेष अनुष्ठान, रुद्राभिषेक और संध्या आरती का आयोजन किया जा रहा है, जिससे चाईबासा का पूरा वातावरण पूरी तरह से शिवमय हो गया है।



