अमानत बराज योजना और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को मिली रफ्तार
रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार, 15 जून 2026 को आयोजित मंत्रिपरिषद की उच्चस्तरीय बैठक में राज्य के विकास और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। कैबिनेट ने इंफ्रास्ट्रक्चर, खनन, और जनहित से जुड़ी कई लंबित योजनाओं को हरी झंडी दी है।
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मुख्य बिंदु:
- बड़ी बुनियादी परियोजनाएं: रांची में नामकुम से डोरंडा पथ (MDR-002) को चार लेन में चौड़ा करने के लिए 162.82 करोड़ रुपये की द्वितीय पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। वहीं, पलामू की महत्वपूर्ण अमानत बराज योजना के लिए 947.26 करोड़ रुपये के तृतीय पुनरीक्षित प्राक्कलन को मंजूरी दी गई है।
- खनन क्षेत्र में निवेश: बोकारो जिले में पर्वतपुर और सीतानाला कोल ब्लॉक, तथा गोड्डा में जीतपुर कोल ब्लॉक के लिए खनन पट्टा (Mining Lease) स्वीकृत किया गया है। इसके अलावा, पूर्वी सिंहभूम में एमराल्ड खनिज ब्लॉक को आरक्षित करने के लिए केंद्र सरकार से अनुमोदन लेने का निर्णय लिया गया है।
- कार्मिक और सेवा नियमितीकरण: गोड्डा और बोकारो समाहरणालय में कार्यरत अनियमित कर्मियों की सेवा नियमितीकरण का रास्ता साफ हो गया है। साथ ही, विभिन्न विभागों में कंप्यूटर ऑपरेटरों के वेतनमान और सरकारी कर्मचारियों के लिए क्रेडिट-बीमा जैसी सुविधाओं को मंजूरी दी गई है।
- न्यायिक नियुक्ति: राज्य के महाधिवक्ता के पद पर श्री रोहितश्य रॉय की नियुक्ति को घटनोत्तर स्वीकृति दी गई है। साथ ही, श्री अच्युत केशव को वरीय अपर महाधिवक्ता के पद पर पदोन्नत किया गया है।
- अन्य महत्वपूर्ण निर्णय:
- झारखंड राज्य में जंगली जानवरों से होने वाली क्षति के मुआवजे के नियमों में संशोधन।
- JharNet 2.0 परियोजना की अवधि जुलाई 2026 तक बढ़ाई गई।
- बाँध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के तहत विशेषज्ञों का स्वतंत्र पैनल गठित होगा।

- कैग (CAG) की रिपोर्ट को आगामी विधानसभा सत्र में पटल पर रखा जाएगा।
यह बैठक राज्य में प्रशासनिक सुगमता और बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।



