नीति आयोग की बैठक में CM हेमंत सोरेन ने केंद्र के सामने रखा ‘विकसित झारखंड @2047’ का खाका
नई दिल्ली: नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड के समग्र विकास के लिए एक सशक्त रोडमैप पेश किया। उन्होंने राज्य को केवल ‘खनिज उत्पादक’ राज्य की छवि से बाहर निकालकर ‘मैन्युफैक्चरिंग हब’ और ‘नॉलेज इकोनॉमी’ के रूप में स्थापित करने का संकल्प दोहराया।
प्रमुख अंश: संसाधनों के मूल्यवर्धन पर जोर
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि झारखंड की खनिज संपदा तभी सार्थक होगी जब उसका ‘वैल्यू एडिशन’ राज्य के भीतर हो। उन्होंने केंद्र से क्रिटिकल मिनरल्स आधारित उद्योगों के साथ-साथ राज्य में नॉलेज, रिसर्च और इनोवेशन सेंटर विकसित करने में सहयोग मांगा।
विकास के पांच स्तंभ:
- शिक्षा: राज्य में 5,000 उत्कृष्ट विद्यालयों (CM Schools of Excellence) के निर्माण का लक्ष्य। उन्होंने NCERT का क्षेत्रीय केंद्र खोलने और पीएम-श्री विद्यालयों की संख्या बढ़ाने की मांग की।
- रोजगार और कौशल: सारथी योजना के तहत 6.76 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है। AI, EV, और ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों पर जोर दिया जा रहा है।
- स्वास्थ्य: पंचायत स्तर तक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार। 1,276 दवा दुकानें ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय। डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल पर काम जारी।
- खेल: खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की मांग। झारखंड को अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी देने का आग्रह।
- पोषण एवं कृषि: 10 लाख पोषण वाटिकाएं और 1.5 लाख एकड़ में फलदार पौधरोपण के जरिए कुपोषण से जंग। झारखंड का आम अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहा है।
केंद्र से मुख्यमंत्री की प्रमुख मांगें:
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण लंबित मुद्दों पर केंद्र का ध्यान आकृष्ट किया:
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- बकाया भुगतान: कोयला कंपनियों पर झारखंड का 1.36 लाख करोड़ रुपये का बकाया भुगतान अविलंब करने की मांग।
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जल जीवन मिशन: शेष 6,000 करोड़ रुपये की राशि जारी करने का आग्रह।

- मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर: PPP मोड में 2 और मेडिकल कॉलेजों को शीघ्र स्वीकृति।
- भूमि अधिग्रहण: सामाजिक आधारभूत संरचना निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रियाओं में सरलीकरण।
- नीतिगत सुधार: DMFT मानकों में संशोधन और स्कूली शिक्षा की विभिन्न योजनाओं का एकीकरण।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने केंद्र सरकार से सहयोग और मार्गदर्शन की अपेक्षा जताते हुए राज्य को उद्योग एवं रोजगार का नया केंद्र बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।



