उत्तर प्रदेश की चुनावी बिसात: अखिलेश यादव का बड़ा दांव,
प्रयागराज: संगम नगरी में आयोजित ‘विजन इंडिया’ कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपने एजेंडे का बिगुल फूंक दिया है। सत्ता में वापसी की कवायद में जुटे अखिलेश यादव ने शिक्षा, रोजगार और विशेष रूप से पत्रकारों के कल्याण से जुड़ी बड़ी घोषणाएं कर सियासी हलचल तेज कर दी है।
पत्रकारों के लिए सुरक्षा और स्वास्थ्य का बड़ा वादा
अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर पत्रकारों के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने घोषणा की कि राज्य के पत्रकारों के लिए कैशलेस इलाज, सम्मान और सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। चुनाव से ठीक पहले पत्रकारों के मुद्दे को अपने चुनावी एजेंडे में शामिल करके अखिलेश ने एक बड़ा संदेश देने की कोशिश की है।
शिक्षा के क्षेत्र में नई क्रांति का ऐलान
पूर्व मुख्यमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर बीजेपी सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने अपने प्रमुख चुनावी वादों को साझा करते हुए कहा:
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- निःशुल्क शिक्षा: पहली से 12वीं तक सभी बच्चों के लिए शिक्षा पूरी तरह मुफ्त होगी।
- बेटियों के लिए सौगात: केजी (KG) से पीजी (PG) तक बेटियों की शिक्षा पूरी तरह निशुल्क की जाएगी।
- समान शिक्षा: प्रदेश में सभी के लिए एक समान शिक्षा प्रणाली और एक जैसी किताबें लागू की जाएंगी।
रोजगार, कानून व्यवस्था और अन्य प्रमुख मुद्दे
अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए निम्नलिखित गंभीर सवाल उठाए:
- पेपर लीक और रोजगार: उन्होंने बढ़ते पेपर लीक मामलों के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि इससे युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है।
- कानून व्यवस्था: प्रदेश में न्याय की कमी और बढ़ते अपराधों पर चिंता जताते हुए उन्होंने इसे सत्ता परिवर्तन की मुख्य वजह बताया।
- नीतिगत मुद्दे: अखिलेश ने ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’, डीलिमिटेशन (परिसीमन) और चुनावी चंदे को लेकर बीजेपी सरकार पर सवाल खड़े किए।
- स्थानीय समस्या: उन्होंने शंकरगढ़ के लखनपुर गांव में पेयजल की गंभीर समस्या को जल्द हल करने का आश्वासन दिया।
’जनता चाहती है बदलाव’
अखिलेश यादव ने दावा किया कि नई शिक्षा नीति में बदलाव करना उनकी सरकार की प्राथमिकता होगी। उन्होंने निजी क्षेत्र में भी आरक्षण लागू करने की वकालत करते हुए कहा कि जनता अब बदलाव के मूड में है और इसका स्पष्ट असर आगामी विधानसभा चुनावों में देखने को मिलेगा।



