1400 साल पुराने बेनीसागर की गाथा और विकास का इंतज़ार

गुप्तकालीन सभ्यता का प्रमाण

चाईबासा: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले का ऐतिहासिक बेनीसागर आज भी अपने सुनहरे दिनों की बाट जोह रहा है। चाईबासा से लगभग 85 किलोमीटर दूर स्थित यह स्थल केवल एक सरोवर नहीं, बल्कि भारतीय इतिहास, वास्तुकला और पुरातत्व का एक जीवंत अध्याय है। 22 जून 1997 को अपनी पहली यात्रा से लेकर 22 जून 2026 तक की इस यात्रा पर ‘अबुआ अखाड़ा’ के माध्यम से वरिष्ठ पत्रकार जितेन्द्र ज्योतिषी ने एक विशेष रिपोर्ट प्रस्तुत की है।

​1400 साल से नहीं सूखा यह सरोवर

​बेनीसागर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह 1400 साल पुराना सरोवर आज भी सूखा नहीं है। पुरातात्विक उत्खनन से स्पष्ट होता है कि 5वीं से 7वीं शताब्दी के बीच यह क्षेत्र एक समृद्ध नगरीय, धार्मिक और शैक्षणिक केंद्र था। जिसे उस दौर में ‘संस्कारशाला’ के रूप में जाना जाता था।

​गुप्तकालीन सभ्यता का प्रमाण

​बेनीसागर से प्राप्त पुरावशेषों का सीधा संबंध ब्राह्मी लिपि और संस्कृत भाषा से है, जो गुप्त और उत्तर-गुप्त काल की गौरवशाली परंपरा को दर्शाते हैं। यहाँ प्राप्त पंचायतन शैली के शिव मंदिर, सैकड़ों शिवलिंग और लकुलीश व भैरव की मूर्तियां इस बात की गवाही देती हैं कि 7वीं शताब्दी में गौड़ शासक शशांक के काल में यह क्षेत्र शैव धर्म का प्रमुख केंद्र था। मान्यताओं के अनुसार, ‘राजा बेनु’ ने इस विशाल सरोवर और मंदिरों का निर्माण कराया था, जिसके नाम पर इसका नाम बेनीसागर पड़ा।

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​क्या कहते हैं जितेन्द्र ज्योतिषी?

​इस ऐतिहासिक स्थल की यादों को ताजा करते हुए जितेन्द्र ज्योतिषी बताते हैं, “22 जून 1997 को तत्कालीन उप विकास आयुक्त अविनाश कुमार (वर्तमान मुख्य सचिव, झारखंड) द्वारा एक फिल्म निर्माण के अवसर पर मैं पहली बार यहाँ पहुँचा था। तब मेरी मुलाकात वहां तैनात गार्ड तिवारी जी और जॉन जी से हुई थी। आज 29 साल बाद, जब मैं विधायक निरल पूर्ति और उपायुक्त मनीष कुमार के साथ फिर वहाँ पहुँचा, तो पाया कि बेनीसागर आज भी अपने दिन बहुरने का इंतज़ार कर रहा है।”

​मुख्य धारा की शिक्षा का गवाह

​बेनीसागर के शिलालेख यह सिद्ध करते हैं कि कोल्हान का यह क्षेत्र प्राचीन भारत की शिक्षा और संस्कृति से कभी अछूता नहीं रहा। यह स्थान न केवल झारखंड की, बल्कि पूरे भारत की एक अमूल्य ऐतिहासिक धरोहर है,

जिसे आज उचित संरक्षण और पर्यटन के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है।

रिपोर्ट: जितेन्द्र ज्योतिषी

The Voice Live 24x7

The Voice Live 24x7 संपादक प्रोफाइल जीतेन्द्र ज्योतिषी वर्तमान में the voice के प्रधान सम्पादक के साथ 'झारखंड जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन'के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं..