मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने की उच्चस्तरीय समीक्षा
रांची, 29 जुलाई 2026:
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में ऊर्जा विभाग के अद्यतन कार्यों एवं योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य के प्रत्येक नागरिक को निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और सुलभ बिजली उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने ऊर्जा उत्पादन, संचरण और वितरण व्यवस्था को आधुनिक, सुदृढ़ और जनोन्मुखी बनाने के कड़े निर्देश दिए।
Post center
प्रमुख निर्णय एवं निर्देश
1. 200 यूनिट निःशुल्क बिजली और स्मार्ट ग्रिड का विस्तार
- निःशुल्क बिजली: सभी पात्र उपभोक्ताओं को 200 यूनिट निःशुल्क बिजली योजना का लाभ प्रभावी और पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित किया जाए।
- स्मार्ट ग्रिड: रांची की विद्युत व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए कुसई कॉलोनी, बरियातू और इटकी में तीन नए स्मार्ट ग्रिड स्थापित किए जाएंगे।
2. विद्युत उत्पादन एवं नवीकरणीय ऊर्जा
- सिकिदिरी पावर प्लांट: सिकिदिरी जलविद्युत परियोजना के आधुनिकीकरण और उत्पादन क्षमता विस्तार के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
- सौर ऊर्जा: राज्य के जलाशयों में फ्लोटिंग सोलर पैनल, सरकारी व निजी भवनों की छतों पर रूफटॉप सोलर प्रणाली तथा बंजर भूमि पर सोलर फार्मिंग को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो सके।
- जलविद्युत संभावनाएं: हुंडरू और जोन्हा सहित राज्य के विभिन्न जलप्रपातों व जलाशयों से जलविद्युत उत्पादन की संभावनाओं का विस्तृत अध्ययन करने को कहा गया।
3. ट्रांसमिशन नेटवर्क और तकनीकी सुधार
- मोनोपोल तकनीक: पारंपरिक चार पोल आधारित संरचनाओं के स्थान पर मोनोपोल जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाया जाए ताकि कम स्थान में सुरक्षित ट्रांसमिशन हो सके।
- एआई मॉनिटरिंग: विद्युत आपूर्ति और परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया जाए।

- त्वरित समाधान: ट्रांसफार्मर जलने की स्थिति में 24 घंटे के भीतर नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाना अनिवार्य किया गया।
4. स्वास्थ्य सेवाओं और अस्पतालों को प्राथमिकता
- राज्य के सभी सरकारी एवं प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
- आपातकालीन सेवाओं, आईसीयू और ऑपरेशन थिएटर के लिए अस्पतालों में दोहरी (ड्यूल) विद्युत लाइन की व्यवस्था अनिवार्य की गई है।
5. रोजगार एवं नियुक्तियां
- ऊर्जा विभाग और उसके अधीनस्थ संस्थानों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया तेज की जाएगी। प्रथम चरण में 35 प्रतिशत रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ग्रामीण और पंचायत स्तर तक पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध हो सके।
समीक्षा बैठक में उपस्थिति:
बैठक में मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री के. श्रीनिवासन, ऊर्जा संचरण निगम के एमडी श्री के.के. वर्मा, तेनुघाट विद्युत निगम लिमिटेड के एमडी श्री अनिल वर्मा, अपर सचिव श्री मुस्तकीम अंसारी, संयुक्त सचिव श्री अनंत कुमार, महाप्रबंधक (कार्मिक-सह-सामान्य प्रशासन) झारखंड ऊर्जा विकास निगम श्री शैलेश कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।



