रांची: आदिम जाति सेवा मंडल में बिखरी मुस्कान, समाजसेवी दंपती ने बच्चों को बांटे वस्त्र और भोजन
रांची: राजधानी के निवारणपुर स्थित आदिम जाति सेवा मंडल (राजेंद्र आश्रम) में उस समय खुशियों का माहौल बन गया, जब समाजसेवी मुकेश पोद्दार और उनकी धर्मपत्नी उषा पोद्दार ने वहाँ के बच्चों के बीच वस्त्र और भोजन सामग्री का वितरण किया। समाज के वंचित वर्गों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए इस दंपती ने आश्रम में रह रहे बच्चों के साथ कुछ समय बिताया और उनकी जरूरतों को पूरा करने का प्रयास किया।
’मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म’
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि और समाजसेविका उषा पोद्दार ने कहा कि पीड़ित मानवता की सेवा करने से जो सुखद अनुभूति मिलती है, वह शब्दों में बयां नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा, “मानव सेवा ही संसार का सबसे बड़ा धर्म है। समाज के सक्षम लोगों का यह नैतिक दायित्व है कि वे अपने आसपास के गरीब, लाचार और बेसहारा लोगों का हाथ थामें।”
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उन्होंने राज्य के अन्य सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों से भी अपील की कि वे आगे आएं और जरूरतमंदों की यथासंभव मदद के लिए तत्पर रहें।
सामाजिक सरोकार की मिसाल
इस नेक कार्य के दौरान मुकेश पोद्दार ने बच्चों के साथ बातचीत की और उनकी हौसला-अफजाई की। मौके पर शहर के जाने-माने समाजसेवी तुषार कांति शीट, तनय शीट, तापस घोष, सुंबर मुंडा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने एक स्वर में कहा कि ऐसे छोटे-छोटे प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव की बड़ी नींव रखते हैं।
आदिम जाति सेवा मंडल के बच्चों के चेहरों पर दिखी मुस्कान ने इस कार्यक्रम को और भी सार्थक बना दिया। उपस्थित गणमान्य लोगों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इसी तरह की पहल से समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों का सहयोग किया जाता रहेगा।



