झारखंड राज्यसभा चुनाव: शह-मात का खेल शुरू, महागठबंधन की बढ़ी धड़कनें

झारखंड राज्यसभा चुनाव: शह-मात का खेल शुरू, महागठबंधन की बढ़ी धड़कनें

रांची: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। 18 जून को होने वाले इस चुनावी संग्राम में सत्ताधारी महागठबंधन और भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी के बीच ‘शह-मात’ का खेल शुरू हो गया है।

​महागठबंधन की रणनीति: ‘क्रॉस वोटिंग’ रोकने पर जोर

​महागठबंधन अपनी दोनों सीटें सुरक्षित करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है। इसी कड़ी में झारखंड प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी के. राजू और चुनाव पर्यवेक्षक अजय शर्मा रांची पहुंच चुके हैं। सोमवार (15 जून) को महागठबंधन के घटक दलों की एक महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक का मुख्य एजेंडा विधायकों की एकजुटता सुनिश्चित करना और किसी भी तरह की ‘क्रॉस वोटिंग’ को रोकना है।

​संख्या बल का गणित

​झारखंड विधानसभा के मौजूदा समीकरणों के अनुसार, राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए प्रथम वरीयता के 28 मतों की आवश्यकता है।

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  • महागठबंधन: झामुमो (34), कांग्रेस (16), राजद (4) और माले (2) को मिलाकर कुल 56 मत हैं। यदि सभी विधायक अपनी पार्टी लाइन पर कायम रहते हैं, तो दोनों सीटों पर महागठबंधन की जीत तय मानी जा रही है।
  • परिमल नाथवानी: भाजपा और एनडीए समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी के पास फिलहाल 24 विधायकों का समर्थन है। उन्हें जीत के जादुई आंकड़े (28) तक पहुँचने के लिए अभी 4 अतिरिक्त मतों की आवश्यकता है।

​क्या फिर से होगा ‘खेला’?

​राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव में अक्सर आखिरी वक्त पर ‘क्रॉस वोटिंग’ से परिणाम बदल जाते हैं। यही कारण है कि झामुमो और कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व अपने विधायकों पर पैनी नजर रखे हुए है। वहीं, हाल ही में परिमल नाथवानी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात ने सियासी गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

​अब देखना यह दिलचस्प होगा कि क्या महागठबंधन अपने दोनों किलों को सुरक्षित रख पाएगा, या फिर परिमल नाथवानी एक बार फिर अपनी रणनीति से चौंकाने में सफल होंगे?

रिपोर्ट: नवल किशोर सिंह

The Voice Live 24x7

The Voice Live 24x7 संपादक प्रोफाइल जीतेन्द्र ज्योतिषी वर्तमान में the voice के प्रधान सम्पादक के साथ 'झारखंड जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन'के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं..