ग्रहण करते ही दोहराई न्याय के प्रति प्रतिबद्धता
रांची: झारखंड के विधिक जगत से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। राज्य के नए महाधिवक्ता (Advocate General) के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता रोहितश्य रॉय ने सोमवार को औपचारिक रूप से अपना पदभार ग्रहण कर लिया। रांची स्थित झारखंड उच्च न्यायालय परिसर में स्थित महाधिवक्ता कार्यालय में उन्होंने कार्यभार संभाला।
कानून और न्यायिक परंपराओं के निर्वहन का संकल्प
पदभार ग्रहण करने के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए रोहितश्य रॉय ने कहा कि वे राज्य सरकार के मुख्य विधिक प्रतिनिधि के रूप में संविधान, कानून और न्यायिक परंपराओं का पूरी निष्ठा से पालन करेंगे। उन्होंने न्याय व्यवस्था के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि वे राज्य के हितों और कानूनी प्रक्रियाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए समर्पित रहेंगे। उनके पदभार संभालने के मौके पर न्यायिक और अधिवक्ता जगत के कई लोगों ने पहुंचकर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
कौन हैं रोहितश्य रॉय?
रोहितश्य रॉय का विधिक करियर और पारिवारिक पृष्ठभूमि काफी समृद्ध रही है:
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- विधिक विरासत: 14 मई 1980 को जन्मे रोहितश्य रॉय के पिता स्व. वीरेन्द्र नाथ राय (‘बीरू बाबू’) झारखंड के अत्यंत चर्चित और प्रतिष्ठित अधिवक्ताओं में से एक थे।
- शिक्षा: उन्होंने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई रांची के संत जेवियर स्कूल, डोरंडा से की। इसके बाद उन्होंने पुणे विश्वविद्यालय के सिम्बायोसिस लॉ कॉलेज से वर्ष 2003 में विधि स्नातक (LLB) की डिग्री हासिल की।
- अनुभव: 2003 में झारखंड उच्च न्यायालय से वकालत की शुरुआत करने वाले रॉय ने दो दशकों से अधिक समय में संवैधानिक, प्रशासनिक और सिविल मामलों में अपनी गहरी पैठ बनाई है। अपनी उत्कृष्ट विधिक समझ और पेशेवर आचरण के कारण वे बार और बेंच दोनों में सम्मानजनक स्थान रखते हैं।
पूर्व महाधिवक्ता का इस्तीफा
बता दें कि राज्य के पूर्व महाधिवक्ता राजीव रंजन ने निजी कारणों का हवाला देते हुए रविवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद सक्रियता दिखाते हुए झारखंड सरकार के विधि विभाग ने रविवार देर रात अधिसूचना जारी कर रोहितश्य रॉय को राज्य का नया महाधिवक्ता नियुक्त किया। अधिसूचना के अगले ही दिन उन्होंने अपना कार्यभार संभाल लिया।
राज्य के विधिक क्षेत्र में रोहितश्य रॉय की इस नियुक्ति को एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।



