लक्की सेवन’ का चक्कर और गठबंधन का ‘हाई अलर्ट’

लक्की सेवन’ का चक्कर और गठबंधन का ‘हाई अलर्ट’

रांची: झारखंड की सियासत में इन दिनों ‘लक्की सेवन’ (Lucky 7) का ऐसा चक्कर चला है कि सत्ता के गलियारों में हलचल तेज हो गई है। राज्यसभा की खाली कुर्सियों को देखकर गठबंधन के रणनीतिकारों का सतर्क होना तो लाजिमी है, लेकिन विपक्ष ने जैसे ही अपनी बिसात बिछाने की हुंकार भरी, जेएमएम और कांग्रेस के खेमे में ‘माइक्रो-मैनेजमेंट’ का दौर शुरू हो गया।

​झामुमो ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर जिस तरह से आशंकाएं जताई हैं, उसने विपक्षी खेमे को बैठे-बिठाए पलटवार का मौका दे दिया। भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव तुरंत इतिहास की ‘डायरी’ लेकर सामने आ गए और पुराने दौर के पन्नों को पलटते हुए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप जड़ दिए। भाजपा का दावा है कि यह पत्र किसी लोकतंत्र की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि खुद के कुनबे को एकजुट रखने की छटपटाहट है।

Post center

IMG-20260701-WA0366
IMG-20260701-WA0366

गठबंधन का गणित: “जब बहुमत का आंकड़ा पास हो, सरकार अपनी हो, फिर भी विपक्षी उम्मीदवार की सिर्फ आहट से ‘प्लान-बी’ पर काम शुरू हो जाए, तो इसे ही असली चुनावी तनाव कहते हैं।”

 

​सियासी जानकारों का मानना है कि इस पूरे मामले में जेएमएम और कांग्रेस दोनों फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं। गठबंधन के नेता भले ही मीडिया के सामने ऑल-इज-वेल (सब ठीक है) का दावा कर रहे हों, लेकिन अंदरूनी तौर पर अपने विधायकों की ‘लोकेशन और लॉयल्टी’ पर पैनी नजर रखी जा रही है। भाजपा का सीधा वार इसी बात पर है कि अगर गठबंधन में इतना ही अटूट विश्वास है, तो लोकतांत्रिक प्रतिस्पर्धा से यह घबराहट क्यों?

​अब देखना दिलचस्प होगा कि विपक्ष का यह ‘लक्की सेवन’ वाला दांव गठबंधन के इस किले में कोई सेंध लगा पाता है, या फिर जेएमएम-कांग्रेस की जुगलबंदी अपने सारे ‘वोट’ सुरक्षित बचाकर दिल्ली का टिकट पक्का करने में कामयाब होती है!

The Voice Live 24x7

The Voice Live 24x7 संपादक प्रोफाइल जीतेन्द्र ज्योतिषी वर्तमान में the voice के प्रधान सम्पादक के साथ 'झारखंड जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन'के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं..