मानसिक शांति पर जोर
चाईबासा, 21 जून 2026:
झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा), रांची के निर्देशानुसार और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, डीएलएसए (DLSA) चाईबासा, मोहम्मद शाकिर के मार्गदर्शन में आज रविवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए गए। चाईबासा व्यवहार न्यायालय परिसर सहित चक्रधरपुर अनुमंडल न्यायालय और विभिन्न सुधार गृहों में योग शिविरों के माध्यम से लोगों को स्वस्थ रहने का संदेश दिया गया।
’योग शारीरिक और मानसिक विकास का आधार’
मुख्य कार्यक्रम में योगाचार्य सुनील प्रजापति ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित लोगों को विभिन्न योगासनों का अभ्यास कराया। इस दौरान जिला जज ने अपने संबोधन में कहा कि योग केवल शरीर को निरोगी ही नहीं रखता, बल्कि यह मानसिक विकास और आंतरिक शांति के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।
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इन स्थानों पर हुआ योग का आयोजन:
- व्यवहार न्यायालय, चाईबासा: प्रधान न्यायाधीश (कुटुम्ब न्यायालय) एस.बी. ओझा, प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार सिंह, तृतीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीयूष श्रीवास्तव, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अक्षत श्रीवास्तव, अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी सुप्रिया रानी तिग्गा, न्यायिक दंडाधिकारी (वरिष्ठ श्रेणी) एंजेलिना नीलम मड़की, न्यायिक दंडाधिकारी पूजा पांडेय, अधिवक्तागण और न्यायालय के कर्मचारी मौजूद रहे।
- अनुमंडल न्यायालय, चक्रधरपुर: यहाँ भी विधि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक योग किया।
- मंडल कारा, चाईबासा: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रवि चौधरी के नेतृत्व में मंडल कारा में योग शिविर का आयोजन हुआ। यहाँ महिला बंदियों को विशेष रूप से योग के माध्यम से स्वस्थ और निरोगी रहने के गुर सिखाए गए।
डिजिटल माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुँच
प्राधिकरण ने इस वर्ष योग दिवस को व्यापक बनाने के लिए वर्चुअल माध्यम का भी सहारा लिया। झालसा, रांची के निर्देश पर तकनीकी माध्यम से बाल कुंज और संप्रेषण गृह में चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC), छाया बालिका गृह में सहायक LADC, तथा झीकपानी स्थित संचार वृद्धाश्रम में डिप्टी चीफ LADC व सहायक LADC के नेतृत्व में योग सत्र चलाए गए।



