राज्यसभा नामांकन विवाद

 मध्यप्रदेश और झारखंड में ‘दोहरी नीति’ का आरोप?

​राज्यसभा चुनाव में नामांकन को लेकर मध्यप्रदेश और झारखंड की दो घटनाओं ने कानूनी और राजनीतिक बहस छेड़ दी है। कांग्रेस ने प्रक्रिया में भेदभाव का आरोप लगाया है।

​क्या है मामला?

  • मध्यप्रदेश: कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन हलफनामे में जानकारी के पूर्ण खुलासे न होने का हवाला देकर रिटर्निंग ऑफिसर (RO) ने तुरंत खारिज कर दिया। मामला केवल एक प्राइवेट नोटिस का था।
  • झारखंड: परिमल नथवानी के नामांकन पर आपत्ति के बावजूद, RO ने उन्हें स्पष्टीकरण का मौका दिया और फैसला सुरक्षित रखा।

​मुख्य विवाद

​कांग्रेस का सवाल है कि यदि झारखंड में उम्मीदवार को अपना पक्ष रखने का मौका मिल सकता है, तो मध्यप्रदेश में क्यों नहीं? वहीं, कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि नामांकन में जानकारी छुपाना और पात्रता पर सवाल उठाना दो अलग तकनीकी मुद्दे हो सकते हैं, जिस पर RO का विवेक निर्भर करता है।

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​आगे की राह

​कांग्रेस अब इस मामले को चुनाव आयोग में ले जाने और जरूरत पड़ने पर उच्च न्यायालय में चुनाव याचिका दायर करने की तैयारी में है। यह मामला चुनाव आयोग के नामांकन प्रोटोकॉल की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़ा करता है।

The Voice Live 24x7

The Voice Live 24x7 संपादक प्रोफाइल जीतेन्द्र ज्योतिषी वर्तमान में the voice के प्रधान सम्पादक के साथ 'झारखंड जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन'के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं..