वारंग क्षिति लिपि के संरक्षण का लिया संकल्प
चाईबासा: भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय, चाईबासा में आज वारंग क्षिति लिपि के जनक और महान समाज सुधारक ओत गुरु लाको बोदरा जी की पुण्यतिथि के अवसर पर एक विशेष श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके द्वारा समाज के प्रति किए गए अमूल्य योगदान को याद किया।
संस्कृति और शिक्षा के मसीहा थे लाको बोदरा
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने लाको बोदरा के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने वारंग क्षिति लिपि की रचना कर ‘हो’ समाज को एक अलग पहचान दिलाई। उनका पूरा जीवन जनजातीय समाज में शिक्षा का प्रसार करने, भाषा को संरक्षित करने और सांस्कृतिक चेतना जगाने के लिए समर्पित रहा।
Post center
मुख्य वक्ता जयकिशन बिरुली ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि ओत गुरु लाको बोदरा जी ने जिस वारंग क्षिति लिपि के माध्यम से समाज को एक नई दिशा दी, वह आज भी हमारी गौरवशाली विरासत है। उन्होंने नई पीढ़ी का आह्वान करते हुए कहा कि हमें उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारना चाहिए और अपनी भाषा व संस्कृति की रक्षा के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए।
कार्यकर्ताओं की रही उपस्थिति
श्रद्धांजलि सभा में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से भूषण पाठ पिगुवा, प्रताप कटियार महतो, चंद्रमोहन तियु, अनंत सयनम, राकेश पोद्दार, हर्ष रवानी, रितेश कुमार, पिंटू प्रसाद, देवेंद्र कुम्हार, रोहित दास, कामेश्वर विश्वकर्मा, जीवन प्रजापति एवं पप्पू राय सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।
सभी उपस्थित लोगों ने ओत गुरु लाको बोदरा के बताए रास्ते पर चलकर समाज और राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।



