कोयल की छाती चीरकर ‘पीला सोना’ लूट रहे माफिया,

विशेष खोजी रिपोर्ट: कोयल की छाती चीरकर ‘पीला सोना’ लूट रहे माफिया, गोईलकेरा में लाखों CFT बालू का अवैध साम्राज्य

विशेष संवाददाता, चाईबासा

पश्चिमी सिंहभूम

चाईबासा: सरकारी दावों और जमीनी हकीकत में कितना बड़ा फासला हो सकता है, इसकी जीती-जागती और स्याह तस्वीर इन दिनों पश्चिमी सिंहभूम के गोईलकेरा क्षेत्र में देखने को मिल रही है। एक तरफ प्रशासन कोयल नदी के घाटों से बालू खनन और परिवहन पर पूर्ण रोक का दम भर रहा है, तो दूसरी तरफ पुलिस-प्रशासन की सख्ती को ठेंगा दिखाते हुए बालू माफियाओं ने गोईलकेरा के अलग-अलग इलाकों में लाखों सीएफटी (CFT) बालू का अवैध साम्राज्य खड़ा कर दिया है।

​यह खेल सिर्फ खनन तक सीमित नहीं है, बल्कि ‘पीले सोने’ के अवैध भंडारण और रात के अंधेरे में बेखौफ सिंडिकेट के संचालन का एक ऐसा नेटवर्क बन चुका है, जो सीधे तौर पर सरकार के राजस्व और पर्यावरण दोनों को गहरी चोट पहुँचा रहा है।

दिन में सन्नाटा, रात होते ही गरजने लगते हैं ट्रैक्टर और हाइवा

​गोईलकेरा क्षेत्र में बालू का यह अवैध खेल पूरी प्लानिंग के साथ खेला जा रहा है। दिन के उजाले में जिन जगहों पर शांति दिखती है, सूरज ढलते ही वहाँ की तस्वीरें पूरी तरह बदल जाती हैं।

  • रात का सिंडिकेट: स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रात के अंधेरे का फायदा उठाकर कोयल नदी के विभिन्न घाटों से बड़े पैमाने पर बालू निकाला जाता है।
  • रणनीतिक डंपिंग यार्ड: नदी से सीधे दूर दराज भेजने के बजाय, माफियाओं ने गोईलकेरा के सुदूर और सुरक्षित समझे जाने वाले इलाकों में लाखों सीएफटी बालू डंप कर रखी है।
  • अंधेरे में ढुलाई: जब पूरा इलाका सो रहा होता है, तब इन अवैध डंपिंग यार्डों से ट्रैक्टरों और हाइवा के जरिए बालू की खेप को गंतव्य तक रवाना किया जाता है।

प्रशासन के ‘दावों’ को ठेंगा, माफियाओं के हौसले बुलंद

​एनजीटी (NGT) के नियमों और जिला प्रशासन के कड़े निर्देशों के बावजूद गोईलकेरा में माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि उन्हें कानून का कोई खौफ नहीं है। क्षेत्र में यह चर्चा आम है कि बिना किसी स्थानीय ‘शह’ या लचर निगरानी के इतने बड़े पैमाने पर लाखों सीएफटी बालू का भंडारण मुमकिन ही नहीं है। प्रशासन की ‘सख्ती’ केवल फाइलों तक सीमित नजर आ रही है, जबकि जमीनी हकीकत में माफिया खुलेआम चुनौती दे रहे हैं।

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The Voice Live 24x7 संपादक प्रोफाइल जीतेन्द्र ज्योतिषी वर्तमान में the voice के प्रधान सम्पादक के साथ 'झारखंड जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन'के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं..