उपेक्षा और डिजिटल चुनौतियों पर होगा मंथन
चाईबासा: झारखण्ड के पत्रकार अब अपनी सुरक्षा और अधिकारों के लिए निर्णायक लड़ाई के मूड में हैं। आगामी स्वतंत्रता दिवस, 15 अगस्त 2026 के अवसर पर राज्य भर के पत्रकारों की एक ‘संयुक्त सभा’ आयोजित की जा रही है। इस कार्यक्रम का नेतृत्व झारखण्ड जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन कर रहा है।
पत्रकारों की उपेक्षा पर सरकार को घेरेगा एसोसिएशन
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष जीतेन्द्र ज्योतिषी ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकारों के साथ हो रही उपेक्षा अब और बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस सभा का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक स्तर पर पत्रकारों की अनदेखी, सुरक्षा के अभाव और उत्पीड़न जैसी समस्याओं पर चर्चा करना और सरकार से ‘पत्रकार संरक्षण/सुरक्षा कानून’ की प्रभावी मांग करना है।
वेब वर्ल्ड और बदलती पत्रकारिता पर केंद्रित होगा चिंतन
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डिजिटल युग में पत्रकारिता की परिभाषा बदल रही है। इस सभा में वेब पोर्टल, डिजिटल मीडिया और न्यूज़ चैनलों के सामने आने वाली नई चुनौतियों—जैसे फेक न्यूज़ पर लगाम और तकनीकी अपग्रेडेशन—पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। यह सभा इस बात का मंच बनेगी कि कैसे डिजिटल माध्यम से पत्रकारिता की विश्वसनीयता को और मजबूत किया जाए।
एकजुटता का आह्वान
जीतेन्द्र ज्योतिषी ने राज्य के सभी पत्रकारों से इस आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। उन्होंने कहा, “जब हम अलग-अलग होते हैं, तो हमारी आवाज दब जाती है, लेकिन जब हम एक
होते हैं, तो हम एक ऐसी शक्ति बन जाते हैं जिसे कोई नजरअंदाज नहीं कर सकता।”
कार्यक्रम विवरण:
- दिनांक: 15 अगस्त, 2026
- स्थान: चाईबासा
- मुख्य एजेंडा: पत्रकार सुरक्षा, प्रशासनिक सहयोग, वेब पत्रकारिता की चुनौतियां और भविष्य की रणनीति।
आवाहन: यह सभा केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि कलम की ताकत को फिर से परिभाषित करने का संकल्प है। सभी साथी पत्रकार समय पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं।



