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राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा) और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के मार्गदर्शन में, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष डालसा, चाईबासा, मौहम्मद शाकिर की दूरदर्शी सोच ने जिले में एक बड़ा बदलाव सुनिश्चित किया है। पूरे जिले की पंचायतों में चलाए जा रहे विधिक जागरूकता अभियानों के बीच, ‘वरिष्ठजन सहायता एवं सुविधा केंद्र’ की स्थापना किसी वरदान से कम नहीं है।
इस केंद्र का उद्देश्य सिर्फ कानूनी सलाह देना नहीं है, बल्कि बुजुर्गों को यह अहसास दिलाना है कि वे अकेले नहीं हैं। ‘माता-पिता व वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम 2007’ का कवच अब उनके साथ है। चाहे संपत्ति का विवाद हो, भरण-पोषण की समस्या, या फिर दुर्व्यवहार व शोषण का दंश—ये केंद्र अब उनके लिए ढाल बनकर खड़े हैं।
हर मोड़ पर खड़ा है आपका ‘अधिकार मित्र’
जून महीने की शुरुआत के साथ ही यह मुहिम धरातल पर उतर आई है। चाईबासा का हर अंचल कार्यालय हो, बैंक ऑफ इंडिया या भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखाएं, या फिर झीकपानी स्थित वृद्धाश्रम—हर जगह ‘वरिष्ठजन सहायता एवं सुविधा केंद्र’ स्थापित किए गए हैं।
इस पहल की सबसे सुंदर बात यह है कि इसे बेहद सुलभ बनाया गया है। प्रत्येक केंद्र पर दो प्रशिक्षित अधिकार मित्र (PLV) तैनात किए गए हैं। बैंक में अपना पेंशन लेने आए बुजुर्ग हों या कार्यालय के चक्कर काटते कोई असहाय व्यक्ति, ये ‘अधिकार मित्र’ तत्परता के साथ उनकी मदद कर रहे हैं। वे न केवल बुजुर्गों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर रहे हैं, बल्कि सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से उन्हें जोड़कर मुख्यधारा में वापस लाने का काम भी कर रहे हैं।
एक संवेदनशील समाज की नींव
यह प्रयास मात्र एक सरकारी निर्देश का पालन नहीं है, बल्कि एक संवेदनशील समाज की नींव है। डालसा की यह पहल उन बुजुर्गों के लिए एक बड़ा सहारा है, जो कानूनी पेचीदगियों के कारण अपने अधिकारों से वंचित रह जाते थे।
आज चाईबासा के इन केंद्रों के माध्यम से उपेक्षा और परित्याग का सामना कर रहे कई बुजुर्गों को सम्मानजनक जीवन की राह मिल रही है। यह कहानी हमें सिखाती है कि जब कानून और सेवा का भाव मिलता है, तो वह न केवल समस्याओं का समाधान करता है, बल्कि समाज के सबसे सम्मानित वर्ग—हमारे वरिष्ठ नागरिकों—के जीवन में सम्मान और सुरक्षा का नया सवेरा भी लाता है।



राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा) और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के मार्गदर्शन में, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष डालसा, चाईबासा, मौहम्मद शाकिर की दूरदर्शी सोच ने जिले में एक बड़ा बदलाव सुनिश्चित किया है। पूरे जिले की पंचायतों में चलाए जा रहे विधिक जागरूकता अभियानों के बीच, ‘वरिष्ठजन सहायता एवं सुविधा केंद्र’ की स्थापना किसी वरदान से कम नहीं है।