चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता और पारदर्शिता में मीडिया की भूमिका अहम: मुख्य चुनाव आयुक्त
नई दिल्ली/रांची: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने देश में चुनावी संचार तंत्र को और अधिक सशक्त, पारदर्शी तथा विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को नई दिल्ली में मीडिया एवं संचार अधिकारियों के लिए एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर से 350 से अधिक अधिकारियों ने शिरकत की।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य
इस राष्ट्रीय सम्मेलन का प्राथमिक उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को बढ़ाना और मतदाता सहभागिता को सुदृढ़ करना था। सम्मेलन में देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मीडिया नोडल अधिकारियों तथा सोशल मीडिया नोडल अधिकारियों ने भाग लिया। इसमें विशेष रूप से उन राज्यों के जिला मीडिया नोडल अधिकारी और जिला जनसंपर्क अधिकारी शामिल हुए, जहाँ मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) चल रहा है या जहाँ निकट भविष्य में चुनाव प्रस्तावित हैं।
आयोग का स्पष्ट संदेश: “समयबद्ध और तथ्यपरक हो संचार”
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने हालिया चुनावों में दर्ज की गई ऐतिहासिक जनभागीदारी पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि:
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- सटीकता: चुनाव संबंधी संचार समयबद्ध, सरल, तथ्यपरक और पूरी तरह कानून आधारित होना चाहिए।
- प्रभावशीलता: चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू ने जोर दिया कि संचार का उद्देश्य महज सूचना देना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उसका सकारात्मक प्रभाव मतदाताओं तक पहुँचे।
- सहजता: चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने आयोग के नियमों और दिशा-निर्देशों को आम जनता तक सरल भाषा में पहुँचाने के लिए मीडिया अधिकारियों को महत्वपूर्ण कड़ी बताया।
तकनीक और रणनीति पर मंथन
दिनभर चले सत्रों में चुनावी संचार की बारीकियों पर गहन चर्चा हुई, जिनमें प्रमुख बिंदु शामिल थे:
- भ्रामक सूचनाओं (Misinformation) पर लगाम: चुनावी प्रक्रिया के दौरान सोशल मीडिया पर फैलने वाले झूठे नैरेटिव और भ्रामक सूचनाओं से निपटने की रणनीतियों पर विस्तृत मंथन किया गया।
- युवा मतदाता साक्षरता: चुनावी साक्षरता क्लबों (ELC) के माध्यम से युवा मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने के तौर-तरीकों पर चर्चा हुई।
- अनुभव साझा करना: हाल ही में चुनाव संपन्न कराने वाले राज्यों के अधिकारियों ने अपनी ‘बेस्ट प्रैक्टिसेज’ (सर्वोत्तम प्रथाओं) को साझा किया ताकि अन्य अधिकारी जमीनी स्तर पर इसका लाभ उठा सकें।
झारखंड का प्रतिनिधित्व
सम्मेलन में झारखंड का प्रतिनिधित्व मीडिया नोडल सह अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार के नेतृत्व में 16 सदस्यीय दल ने किया। इसमें राज्य स्तरीय अधिकारियों के साथ 15 जिलों के जिला जनसंपर्क अधिकारी शामिल रहे।
कार्यक्रम के समापन पर एक विशेष प्रश्नोत्तर सत्र का आयोजन किया गया, जहाँ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने स्वयं अधिकारियों की शंकाओं का समाधान किया। यह सम्मेलन चुनावी तंत्र को और अधिक समावेशी और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।



